विवादों से दूर, ईमानदारी से काम करने में विश्वास रखते हैं सांसद डॉ सत्यनारायण जटिया

By रेनू तिवारी | Feb 04, 2022

कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बच्चे के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही थी। बच्ची के साथ तस्वीर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने बच्ची को अपना खास दोस्त बताया था। यह बच्ची कोई और नहीं बल्कि  के उज्जैन के राज्यसभा सांसद डॉ सत्यनारायण जटिया की पोती थी। इस तस्वीर के बाद डॉ सत्यनारायण जटिया ने खूब सुर्खियां बटौरी थी। डॉ सत्यनारायण जटिया विवादों से दूर रहने वाले व्यक्ति है और अपना कार्य को इमानदारी से करने में विश्वास रखते हैं। डॉ सत्यनारायण जटिया का जन्म 4 फरवरी को 1946 में हुआ था। आज हम आपको सांसद के जीवन से जुड़ी कुछ बातों को बताने जा रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: 20वीं बार चुनाव मैदान में किस्मत आजमाएंगे 80 वर्षीय जाखू, आर्थिक स्थिति भी नहीं तोड़ पाई हौसला  

राजनीतिक सफर

  • डॉ सत्यनारायण जटिया (जन्म 4 फरवरी 1946) एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं।
  • वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य के रूप में उज्जैन से सात बार लोकसभा के लिए चुने गए, और राज्यसभा में एक कार्यकाल (2014-2020) में सेवा की।
  • वह 1999 से 2004 तक वाजपेयी की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे और उन्होंने श्रम और सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभागों को संभाला था।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने डाॅ. राधाकृष्णन राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय का निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए

प्रारंभिक जीवन

1946 में मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जवाद में जन्मे उन्होंने विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से बीएससी, एमए, एलएलबी, पीएचडी की पढ़ाई की। उन्होंने 1972 में राजनीति में प्रवेश किया और आपातकाल के दौरान उन्हें मीसा के तहत हिरासत में लिया गया। वे 1977 में मध्य प्रदेश विधान सभा के लिए चुने गए। बाद में वे उज्जैन से 7वीं (1980), 9वीं (1989), 10वीं, 11वीं, 12वीं, 13वीं और 14वीं (2004-2009) लोकसभा के लिए चुने गए। वह एक कवि भी हैं और उनकी कविताओं का संग्रह अलख 1995 में प्रकाशित हुआ था।

प्रमुख खबरें

PM Narendra Modi पर टिप्पणी: नोएडा में महिला के खिलाफ दर्ज FIR दिल्ली स्थानांतरित

Delhi Police के घायल कर्मियों के परिजनों की भावुक अपील, हर वर्दी के पीछे होता है एक पूरा परिवार, उसे भी न्याय मिलना चाहिए

Soybean उपज बढ़ाने के लिए भारत-अमेरिका की संयुक्त परियोजना को NSF से मिली वित्तीय मदद

ESAF Small Finance Bank पहली तिमाही में मुनाफे में लौटा, दर्ज किया 80 करोड़ का शुद्ध लाभ