MP Rajya Sabha Election: क्रॉस वोटिंग के डर से Congress MLAs बेंगलुरु रवाना, सियासी हलचल तेज

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 09, 2026

 मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को होने वाले मतदान में क्रॉस वोटिंग से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी शासित कर्नाटक ले जाने का फैसला किया है। पार्टी के एक विधायक ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पीटीआई-से बातचीत में कहा कि पार्टी के सभी विधायकों को किसी कांग्रेस शासित प्रदेश में ले जाया जाएगा क्योंकि भाजपा उनके विधायकों को कथित तौर पर खरीदने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने उन्हें बताया है कि भाजपा के लोग नोटों से भरी थैली लेकर उनसे संपर्क करने आए थे लेकिन उन्होंने उन्हें लौटा दिया।

सिंह ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि कुछ विधायक बाहर ले जाए जाने के पक्ष में नहीं थे लेकिन यह पार्टी आलाकमान का फैसला है, इसलिए सभी जा रहे हैं। राज्य में खाली हुई जिन तीन सीटों पर चुनाव चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत तय मानी जा रही है जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी है। लेकिन राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को पेचीदा बना दिया है। भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है।

कांग्रेस ने पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जहां उनका मुकाबला केवट से होना निश्चित है। चुघ और अग्रवाल ने शनिवार को नामांकन पत्र दाखिल किया, जबकि नटराजन और केवट ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इससे पहले, सोमवार देर रात सिंघार के आवास पर पार्टी नेताओं की एक बैठक हुई, जिसमें करीब 60 विधायक शामिल हुए। पार्टी का एक विधायक बैठक में शामिल नहीं हुआ क्योंकि वह दिल्ली में था, जबकि वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने आनलाइन माध्यम से इसमें हिस्सा लिया। वर्तमान में मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 229 है।

इनमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं जबकि एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है। दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द हो चुकी है, जिस वजह से एक सीट रिक्त है। श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर उच्च न्यायालय की रोक है। सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका लगाई गई है। ऐसे में यह संभावना है कि वह इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें। सप्रे ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात भी की है। राज्यसभा की तीन सीटों पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है।

इस हिसाब से दो सीटें जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी भाजपा को 10 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार के मत भाजपा को मिले लें तो उसकी संख्या 50 तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद जीत के लिए उसे कम से कम आठ और मतों की आवश्यकता होगी। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इसकी पूर्ति कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर करने का प्रयास कर रही है।

सप्रे का रुख और मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक की वजह से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट सकता है। हालांकि, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक है। उल्लेखनीय है कि साल 2020 में भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों को अपने खेमे में लाकर कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार को गिरा दिया था। सिंधिया वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं। मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा। सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन था।

प्रमुख खबरें

NIIT Learning Systems ने अमेरिकी कंपनी Blue Water Learning को 167 करोड़ रुपये में खरीदा

Jamia Millia Islamia ने छात्र संघ संविधान को दी मंजूरी, 15 मई तय की समयसीमा

UP MLC Election: 11 सीटों के नतीजे घोषित, BJP ने 6 और SP ने 5 पर दर्ज की जीत

Arunachal Pradesh सीमा पर हालात सामान्य, Pema Khandu बोले- सेना कर रही मजबूत सुरक्षा