By अंकित सिंह | Apr 20, 2022
पूर्वोत्तर के बहुत कम ही ऐसे नेता हैं जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होती है। हालांकि जिन नेताओं की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हुई है, उनके कद का अंदाजा भी लगाया जा सकता है। पूर्वोत्तर के एक ऐसे ही नेता हैं मुकुल संगमा। मुकुल संगमा अक्सर सुर्खियों में रहते हैं और राष्ट्रीय स्तर पर इनकी चर्चा भी होती हैं। मुकुल संगमा का राजनीतिक जीवन बेहद लंबा रहा है और आने वाले समय में भी उन्हें हम अहम पदों पर देख सकते हैं। मुकुल संगमा का जन्म 20 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनके पिता का नाम बिनय भूषण और माता का नाम रोशन बेगम था। 1990 में उन्होंने इंफाल के इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी के रूप में जिक जैक पब्लिक हेल्थ सेंटर में काम करने लगे।
डीडी लपांग के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद 20 अप्रैल 2010 को वह राज्य के मुख्यमंत्री बने। संगमा के जीवन में बड़ा मौका तब आया जब डीडी लपांग ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने मुकुल संगमा को राज्य का नेतृत्व सौंपा। मुकुल संगमा 20 अप्रैल 2010 को मेघालय के मुख्यमंत्री बने। वे राज्य के 11 वे मुख्यमंत्री बने। इसके बाद उन्होंने 2013 में दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। हालांकि 2018 का चुनाव कांग्रेस हार गई। लेकिन मुकुल संगमा 2 सीटों से चुनाव लड़ रहे थे और दोनों पर उन्हें जीत हासिल की। 2015 में मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान सलमान ने मेघालय में स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत की थी जिससे गरीबों को काफी फायदा हुआ। कांग्रेस में टकराव के बीच मुकुल संगमा ने 2021 में पार्टी के अन्य 11 विधायकों के साथ तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया। फिलहाल मुकुल संगमा राज्य में नेता प्रतिपक्ष था।