By Ankit Jaiswal | May 04, 2026
आईपीएल के इस सीजन में एक बार फिर वही कहानी दोहराई जाती दिख रही है, जहां मुंबई इंडियंस अपनी उम्मीदें पूरी तरह जसप्रीत बुमराह पर टिका देती है। चेन्नई के एम ए चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भी टीम ने 160 रन का बचाव करने की जिम्मेदारी बुमराह पर ही छोड़ दी थी, लेकिन अंत में चेन्नई सुपर किंग्स ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, इस पूरे सीजन में बुमराह ने नौ मैचों में 33 ओवर फेंके हैं और उनका इकॉनमी रेट करीब 8.61 रहा है, जो टीम के अन्य गेंदबाजों की तुलना में काफी बेहतर है। इसके बावजूद टीम की खराब गेंदबाजी का असर उन पर भी दिख रहा है और विकेट लेने में उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है।
ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या मुंबई इंडियंस अब बुमराह को बाकी मैचों के लिए आराम दे सकती है। हालांकि टीम के कोच महेला जयवर्धने ने इस संभावना को फिलहाल खारिज किया है। उन्होंने कहा कि टीम अभी गणितीय रूप से बाहर नहीं हुई है और अभी पांच मुकाबले बाकी हैं, इसलिए हर खिलाड़ी अंत तक लड़ाई जारी रखेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 2022 के सीजन में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन काफी खराब रहा था, लेकिन तब भी बुमराह ने सभी 14 मैच खेले थे। उस सीजन में उन्होंने 53 ओवर से ज्यादा गेंदबाजी की थी और 15 विकेट लिए थे। हालांकि लगातार खेलने का असर उनके शरीर पर पड़ा और बाद में उन्हें पीठ की गंभीर चोट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वह लगभग 11 महीने तक क्रिकेट से दूर रहे हैं।
बता दें कि बुमराह को 2025 में भी इसी तरह की चोट का सामना करना पड़ा था और तब से वह अपने कार्यभार को लेकर काफी सतर्क रहते हैं। उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान भी कुछ अहम मैचों से खुद को अलग रखा था, ताकि फिटनेस बनाए रखी जा सके।
मौजूद जानकारी के अनुसार, आने वाले समय में भारतीय टीम को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के कई मुकाबले खेलने हैं, साथ ही 2027 में एकदिवसीय विश्व कप भी होना है। ऐसे में बुमराह के लिए फिट रहना बेहद जरूरी है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि इतने व्यस्त कार्यक्रम के बीच उन्हें सही समय पर आराम देना जरूरी होगा, ताकि वह लंबे समय तक टीम के लिए प्रभावी बने रह सकें।
फिलहाल स्थिति यह है कि मुंबई इंडियंस प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी है, लेकिन टीम प्रबंधन अभी भी उम्मीद बनाए हुए है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम अपने प्रमुख गेंदबाज को आराम देती है या फिर बाकी मुकाबलों में भी उनसे पूरा दमखम लगाने की उम्मीद करती है।