Mumbai के हाथ से फिसला मुकाबला, 92वें मिनट के बाद Delhi ने दो Goal दागकर पलटी बाजी

By Ankit Jaiswal | Nov 01, 2026

दिल्ली और मुंबई के बीच खेले गए मुकाबले में आखिरी मिनट तक मुकाबला किस करवट बैठेगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता दिखा। जब दिल्ली की टीम बराबरी के गोल की तलाश में लगातार हमले कर रही थी, तब उसे इंजरी टाइम में सफलता मिली। इसके बाद टीम ने देर नहीं की और कुछ ही मिनटों में एक और गोल दागकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मैच का पूरा स्कोर और शुरुआती गोलों का ब्योरा नहीं दिया गया है, लेकिन आखिरी पलों में हुए इन घटनाक्रमों ने मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया।

बराबरी के बाद दिल्ली का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने मुंबई को संभलने का मौका नहीं दिया और जल्द ही एक बार फिर गोल करने में सफल रही। इस गोल के बाद पेना खुशी से झूम उठे। उन्होंने अपनी जर्सी उतारी और दौड़ते हुए अपनी टीम के तकनीकी क्षेत्र की ओर पहुंच गए। उनके इस जश्न से साफ था कि टीम के लिए यह गोल कितना अहम था। कुछ ही देर पहले तक दिल्ली बराबरी के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन अब उसके खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे।

मैच समाप्त होने की सीटी बजते ही दिल्ली के खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों का उत्साह मैदान पर भी दिखाई दिया। टीम के सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस शानदार वापसी का जश्न मनाया। आखिरी मिनटों में दो गोल करना दिल्ली के लिए बड़ी उपलब्धि रही, खासकर तब जब मुकाबला उसके हाथ से निकलता हुआ दिखाई दे रहा था।

दूसरी ओर, मुंबई के खिलाड़ियों के लिए यह नतीजा निराशाजनक रहा। मैच के ज्यादातर समय तक मुकाबले में अपनी स्थिति बनाए रखने के बाद आखिरी पलों में गोल गंवाना टीम के लिए बड़ा झटका था। गोलकीपर रेहेनेश की गलती भी चर्चा का विषय बनी, क्योंकि अक्षत मेहरा का शॉट ऐसा नहीं था जिसे आसानी से रोका न जा सके। हालांकि, फुटबॉल में गोलकीपर की एक गलती पूरे मुकाबले का नतीजा बदल सकती है।

गौरतलब है कि फुटबॉल में इंजरी टाइम अक्सर टीमों के लिए आखिरी मौका लेकर आता है। इस दौरान एक गोल जहां हार से बचा सकता है, वहीं लगातार दबाव बनाए रखने वाली टीम को जीत भी दिला सकता है। दिल्ली ने इसी मौके का फायदा उठाया और आखिरी मिनटों में अपनी मेहनत को नतीजे में बदल दिया। वहीं, मुंबई के लिए यह मुकाबला कई सवाल छोड़ गया है, खासकर आखिरी समय में टीम की रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग को लेकर। इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखाया कि फुटबॉल में अंतिम सीटी बजने तक कुछ भी संभव है और जीत का जश्न मनाने वाली टीम वही होती है जो आखिरी पल तक मैदान पर डटी रहती हैं।

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