Kumbhalgarh Fort: कुंभलगढ़ किले का एक बार जरूर करना चाहिए दीदार, 'द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया' देख दबा लेंगे दांतों तले उंगली

By अनन्या मिश्रा | Mar 06, 2024

राजस्थान अपनी अनूठी परंपराओं और खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। यहां पर कई दार्शनिक स्थल हैं, जिनको देखने के लिए सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं। इस राज्य में कई खूबसूरत किले और महल मौजूद हैं। जो इस राज्य की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। इन्हीं में से एक कुंभलगढ़ का किला है।

 

इस महल की खूबसूरती को निहारने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं। कुंभलगढ़ किला जितना शानदार है, उतना ही अधिक शानदार इसका इतिहास है। ऐसे में अगर आप भी राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको कुंभलगढ़ किले का दीदार जरूर करना चाहिए। तो आइए जानते हैं कुंभलगढ़ किले का शानदार इतिहास...

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जानिए कुंभलगढ़ किले का इतिहास

यह किला अपनी विशाल दीवारों के लिए भी जाना जाता है। बता दें कि चीन की ग्रेट वॉल के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार इस किले की मानी जाती हैं। कुंभलगढ़ किले की दीवारें 36 किलोमीटर तक फैली हैं। जिसके कारण इस किले की दीवार को भारत की सबसे लंबी दीवार के रूप में भी जाना जाता है। राजस्थान के राजसमंद जिले में यह किला स्थित है। जोकि अरावली पहाड़ों की पश्चिमी श्रृंखला पर उदयपुर से लगभग 84 किमी दूर है। मेवाड़ क्षेत्र के शासक राणा कुंभा द्वारा 15वीं शताब्दी में इस किले का निर्माण करवाया गया था।


अभेद्य किला है कुंभलगढ़

कुंभलगढ़ किले को अपनी मजबूत सुरक्षा और पृथक स्थान के चलते देश के सबसे अभेद्य किलों में से एक माना जाता है। कुंभलगढ़ किले को मेवाड़ किले के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि इसी स्थान पर महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। दुश्मन से बचने के लिए इस किले में हर चीज बनाई गई थी। वहीं किले में 13 पर्वत चोटियां, 7 दरवाजे और कई वॉच टावर भी हैं। जो दुश्मनों के लिए इसे अधिक चुनौतीपूर्म बनाती हैं। ऐतिहासिक अभिलेखों के मुताबिक इस किले को दुश्मनों द्वारा सिर्फ एक बार घेरा गया था।


किले में मौजूद हैं सात द्वार

राजस्थान के इस अभेद्य किले में प्रवेश करने के लिए सात गढ़वाल प्रवेश द्वार थे। इन सातों दरवाजों का नाम अरेट पोल, हनुमान पोल, राम पोल, विजय पोल, निंबू पोल, पाघरा पोल और टॉप खाना पोल है। किले के अंदर बादल महल को भी देख सकते हैं। बादल महल किले के सबसे ऊंचे स्थान पर बना है। इस महल से बादलों और ग्रामीण इलाकों का मनमोकल दृश्य देखने को मिलता है। इस किे के परिसर में करीब 360 मंदिर बने हुए हैं। जिनमें से सबसे ज्यादा फेमस श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर है।


यूनेस्को विश्व धरोहर

कुंभलगढ़ किला अपनी बहुत सारी खूबियों और शानदार इतिहास के कारण यूनेस्को विश्व धरोहर की लिस्ट में शामिल है। राजस्थान के पहाड़ी किलों का हिस्सा रहा कुंभलगढ़ साल 2013 में यूनेस्को विश्व धरोहर में शामिल हो चुका है। आप भी पर्यटक भारी संख्या में इस किले की भव्यता को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। वहीं शाम के समय आप यहां पर शानदार लाइट और साउंड शो का लुत्फ उठा सकते हैं।

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