By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 21, 2021
मुंबई। रानी मुखर्जी का कहना है कि उन्होंने कभी अभिनेत्री बनने की इच्छा से फिल्म उद्योग में कदम नहीं रखा था लेकिन उनकी यात्रा बेहद फायदेमंद साबित हुई जब उन्हें कला और इसके बूते दर्शकों की तरफ से मिलने वाली तारीफ से प्यार होने लगा। बॉलीवुड में अपने 25वें साल में, मुखर्जी को यह सपना जैसा ही लगता है जब वह सोचती हैं कि उन्होंने कितना लंबा सफर तय कर लिया है। अभिनेत्री ने 1996 में 18 साल की उम्र में फिल्म राजा की आएगी बारात के साथ हिंदी फिल्म जगत में कदम रखा था। दो साल बाद, वह सुपरस्टार आमिर खान अभिनीत गुलाम और ब्लॉकबस्टर कुछ कुछ होता है के साथ सबकी नजरों में आईं जहां से उनके करियर ने ऊंचाइयां छूनी शुरू की।
2000 के शुरुआती दशक में 43 वर्षीय अभिनेत्री ने “साथिया”, “हम तुम”, “वीर-जारा”, “चलते-चलते”, “ब्लैक” और “बंटी और बबली” जैसी फिल्मों के साथ पर्दे पर राज किया था। मुखर्जी के करियर के दूसरे चरण में उनकी एक्शन थ्रिलर फिल्म श्रृंखला मर्दानी , ड्रामा हिचकी और उनकी नयी कॉमेडी बंटी और बबली 2 जैसी प्रमुख फिल्में देखने को मिलीं। उन्होंने कहा कि वह लगातार काम कर रही हैं और बीते सभी वर्षों में वह बदलते समय को देखने, सीखने और उसके अनुकूल बनने की अपनी क्षमता के कारण प्रासंगिक बनी रहीं। एक और अभिनेत्री ने यश चोपड़ा, करण जौहर से लेकर संजय लीला भंसाली तक उद्योग के कुछ सबसे बड़े फिल्म निर्माताओं के साथ काम किया है, वहीं उनके हालिया काम में वह नए निर्देशकों के साथ काम करती दिखी हैं। दोनों, मर्दानी 2 और बंटी और बबली के सीक्वल क्रमशः का निर्देशन नये निर्देशकों गोपी पुथरन और वरुण वी शर्मा ने किया है।