By Ankit Jaiswal | Feb 19, 2026
टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस अपने कार्यकारी अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन को तीसरी बार जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है। बोर्ड अगले सप्ताह उनके पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी देगा, जिसके बाद एक असाधारण आम बैठक (ईजीएम) बुलाई जाएगी। यह फैसला उनके दूसरे कार्यकाल की समाप्ति से ठीक एक वर्ष पहले लिया जा रहा है।
गौरतलब है कि टाटा ट्रस्ट्स, जो टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी रखता है, ने पिछले वर्ष अक्टूबर में सर्वसम्मति से चंद्रशेखरन को कार्यकारी भूमिका में दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव पारित किया था। सूत्रों का कहना है कि यह कदम नेतृत्व में निरंतरता का स्पष्ट संकेत देने के लिए उठाया जा रहा है, खासकर उस समय जब समूह कई बड़े और पूंजी-गहन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
इसी बीच टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का शीर्ष प्रबंधन अगले सप्ताह टाटा संस बोर्ड के सामने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रणनीति पर विस्तृत प्रस्तुति देगा। हाल के महीनों में वैश्विक टेक शेयरों में गिरावट और एआई आधारित नवाचारों के तेज विस्तार ने पारंपरिक आईटी सेवाओं के मॉडल पर दबाव बनाया है। ऐसे में बोर्ड की ओर से निगरानी और रणनीतिक दिशा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बता दें कि टाटा संस बोर्ड को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एयर इंडिया से जुड़े अहम अपडेट भी दिए जाएंगे। एयर इंडिया, जिसे समूह ने अधिग्रहण के बाद पुनर्गठित करने का बड़ा अभियान शुरू किया, वर्ष 2025 में चुनौतियों से घिरा रहा। अहमदाबाद विमान दुर्घटना जैसी घटनाओं ने परिचालन और छवि, दोनों स्तरों पर असर डाला। हालांकि समूह का दीर्घकालिक लक्ष्य एयरलाइन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और लाभकारी बनाना है।
चंद्रशेखरन ने अपने वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले पांच वर्षों में समूह ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी और एयर इंडिया जैसे क्षेत्रों में लगभग 5.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर खुद को “फ्यूचर फिट” बनाने की दिशा में काम किया है। उनका दावा है कि वित्त वर्ष 2027 तक नए व्यवसाय समूह की शीर्ष पांच राजस्व देने वाली कंपनियों में शामिल होंगे और लाभप्रद स्थिति में पहुंचेंगे।
वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो टाटा संस की आय वित्त वर्ष 2025 में 24 प्रतिशत बढ़कर 5.92 लाख करोड़ रुपये पहुंची, जबकि शुद्ध लाभ 17 प्रतिशत घटकर 28,898 करोड़ रुपये रहा। वहीं पूरे टाटा समूह की सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त राजस्व 15.34 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 1.13 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वर्तमान बाजार पूंजीकरण 24.39 लाख करोड़ रुपये के आसपास है।
गौरतलब है कि टाटा संस की आय का बड़ा हिस्सा उन कंपनियों से मिलने वाले डिविडेंड से आता है, जिनमें उसकी हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से लेकर 71.74 प्रतिशत तक है। पिछले वर्ष कंपनी ने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ अपना पंजीकरण स्वेच्छा से वापस लेते हुए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चुका दिया था, ताकि वह गैर-सूचीबद्ध ढांचे में संचालन जारी रख सके।
चंद्रशेखरन को फरवरी 2022 में दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल दिया गया था। वे पहले टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे और 2016 में टाटा संस बोर्ड में शामिल हुए थे। जनवरी 2017 में उन्हें अध्यक्ष नियुक्त किया गया। समूह के भीतर उन्हें रणनीतिक विस्तार, वैश्विक अधिग्रहण और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए जाना जाता है। ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था नीतिगत अनिश्चितताओं और तकनीकी बदलावों के दौर से गुजर रही है, टाटा समूह नेतृत्व की स्थिरता के जरिए दीर्घकालिक रणनीति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।