By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026
नाबार्ड के चेयरमैन शाजी कृष्णन वी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कृषि क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) काफी कम हुई हैं और फसल उत्पादकता बढ़ाने के साथ ऋण सुविधा में सुधार से इसमें और कमी लाई जा सकती है। यहां वैश्विक वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) सम्मेलन में उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में एनपीए एक समय दोहरे अंक में था, जो अब घटकर एकल अंक यानी 10 प्रतिशत से नीचे आ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उत्पादकता बढ़ने से इसमें और सुधार हो सकता है और ऐसा होना जरूरी है।
अन्यथा किसी न किसी तरह का अंतर पैदा होगा।’’ एग्री स्टैक के बारे में उन्होंने कहा कि इसे तीन स्तर वाले बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड ने ऐसा ऋण वितरण तंत्र लागू किया है, जो एग्री स्टैक और इंडिया स्टैक दोनों को एकीकृत करता है। उन्होंने कहा कि इससे करीब 7.5 करोड़ किसानों को जरूरत के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है।