By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 09, 2021
नामटोला (असम-नगालैंड सीमा)। असम के सीमावर्ती नामटोला कस्बे में वैसे तो किसी आम दिन जैसी ही स्थिति है लेकिन मुख्य सड़क पर स्थित दुकानों पर काले झंडे लहरा रहे हैं। क्रिसमस की खुशी अनिश्चितता की भेंट चढ़ चुकी है और दुकानदारों के शोर-शराबों की जगह बस काना-फूसी देखने को मिल रही है। असम के चराइदेव जिले में नामटोला की छोटी बस्ती नगालैंड में प्रवेश की आखिरी बिंदु है। इस जगह पर छाई शांति यहां से 50 किलोमीटर दूर एक हुई एक दुखद घटना का स्पष्ट संकेत देती है।
वहीं इस इलाके में खाद्य पदार्थों की बिक्री करनेवाले दुकानों पर भी आने वाले लोगों की संख्या इस घटना के बाद से बढ़ गई है। यहां एक छोटा होटल चलाने वाले संजय शर्मा कहते हैं, ‘‘हालांकि, ओटिंग का घटनास्थल दूसरी दिशा में है लेकिन सरकारी या मीडिया कर्मी हों, उन्हें जिला मुख्यालय मोन जाना पड़ता है और वे नामटोला से जाते हैं। सीमा पार करने के बाद खाने-पीने की ज्यादातर दुकानें नहीं हैं इसलिए लोग यहां खाने के लिए रूकते हैं।