शहीदों को नमन (कविता)

By प्राची थापन | Mar 23, 2018

कवियत्री प्राची थापन ने आजादी के शहीदों को नमन करते हुए अपनी कविता (शहीदों को नमन) में अपने मन को उद्गार किये हैं।

वही भगत सिंह थे, वही राजगुरु और वही थे सुखदेव,

भारत माता की आजादी की खातिर, धरे थे न जाने उन्होंने कितने ही भेष

लहूलुहान हुई जा रही थी भूमि अपनी और बादलों में छाई हुई थी लालिमा,

आजादी-आजादी के स्वरों से गूंज रहा था सारा जहाँ,

इन वीर शहीदों की कुर्बानी से आँखे सबकी भर आई थी,

जब देश के खातिर उन्होंने अपनी कीमती जान गंवाई थी,

वो कल भी थे वो आज भी है अस्तित्व उनका अमर रहेगा  

कुर्बानियां कल भी होती थीं और ये सिलसिला यूँ ही जारी रहेगा 

नमन है उनकी शहादत को, सर झुके हैं देख उनका ज़ज्बा,

वीर जवानों की शहादत पर आज भी है, मेरा देश कुरबां।।

-प्राची थापन

प्रमुख खबरें

Extremely Severe Alert के मैसेज के साथ घनघना उठे दिल्ली-NCR के फोन, जानें क्या अलर्ट आया?

Punjab Nikay Chunav: BJP का AAP की जीत पर धांधली का आरोप, 2027 में वापसी का दावा

Bengal से रोजाना 5 से 10 हजार घुसपैठिये वापस Bangladesh जा रहे, Holding Centers की संख्या भी तेजी से बढ़ी

Australia Tour: आखिरी मैच में 2-3 से हारी Team India, रोमांचक Hockey Series 2-2 से बराबर