By टीम प्रभासाक्षी | Feb 23, 2022
इन दिनों उत्तर प्रदेश में चाहे सत्ता पक्ष के नेता हो या विपक्ष के नेता सभी चुनावों को लेकर जनसभाओं के जरिए अपनी बात जनता तक पहुंचा रहे हैं ताकि जनता का साथ पाकर वह चुनाव में जीत दर्ज कर सकें। बीजेपी के कुनबे में प्रधानमंत्री मोदी और नंबर दो की हैसियत रखने वाले अमित शाह से लेकर तमाम नेता टीवी इंटरव्यू और जनसभाओं के जरिए अपनी बात कह रहे हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी से निकलकर बीजेपी का दामन थाम चुकीं अपर्णा यादव भी अपनी पार्टी को चुनाव में जीत दिलाने के लिए जनसभाओं को संबोधित करती दिख रहीं हैं। इतना ही नहीं वह इन तमाम मुद्दों को लेकर टीवी इंटरव्यूज भी दें रही हैं। इसी दौरान जब उनसे सवाल पूछा गया कि बीजेपी ज्वाइन करते वक्त आपने राष्ट्रवाद का नाम लिया था जबकि अपने भाषणों में आप जातिवाद की बात करती हैं। इस सवाल पर उन्होंने अपना बचाव करते हुए जवाब दिया।
एंकर द्वारा पूछे गए सवाल पर अपर्णा ने कहा कि आप इतिहास के विद्यार्थी हैं पर मैं राजनीति विज्ञान की विद्यार्थी थी। मैंने इतिहास का भी अध्ययन किया है। अगर आप प्राचीन इतिहास को उठाकर पढ़ेंगे तो आपको यह महाभारत में भी मिल जाएगा इसके लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।
जब अपर्णा से सवाल किया गया कि वह यादव बनकर प्रचार करती हैं या राजपूत बनकर तो अपर्णा ने जवाब दिया कि मैं नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की बहू हूं उस नाते मैं यादव हूं। इस बात को जाती पर क्यों ले कर आया जा रहा है इसे मैं नहीं जानती हूं। वह कहती हैं मैं तो राष्ट्रवाद के जरिए युवाओं और महिलाओं को जोड़ने का प्रयास कर रही हूं तो इसमें जातिवाद की बात कहां से आ गई।
जब एंकर ने अपर्णा से पूछा कि पीएम ने पिछले सप्ताह एक इंटरव्यू में परिवारवाद को लेकर मुलायम सिंह यादव पर हमला बोला था तू क्या आपको दुख हुआ। इस सवाल के जवाब में अपर्णा ने कहा कि मुझे बिल्कुल भी दुख नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने सत्य कहा। आपको बताते चलें कि अपर्णा यादव इस बार यूपी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रही हैं। हालांकि वह पार्टी के लिए प्रचार जरूर कर रही हैं।