भारत में तो कई बार देखी होगी, अब अमेरिकी सांसदों की भिड़ंत देखिये, Ilhan Omar को Nancy Mace का करारा जवाब छा गया

By नीरज कुमार दुबे | Jun 12, 2026

भारत में आपने कई बार नेताओं और नेत्रियों के बीच तीखी बहस, जुबानी जंग और राजनीतिक कटाक्ष देखे होंगे, लेकिन इस बार अमेरिका से जो मामला सामने आया है उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिकी राजनीति में दो महिला सांसदों के बीच छिड़ी इस भीषण टकराहट ने वहां के लोकतंत्र, प्रवासी राजनीति और राष्ट्रवाद की बहस को नए सिरे से हवा दे दी है। खास बात यह रही कि इस पूरे विवाद में सोमालिया में जन्मीं सांसद इल्हान उमर को करारा जवाब मिला और मामला केवल व्यक्तिगत कटाक्ष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अमेरिकी संसद में विदेशी मूल के नेताओं की भूमिका तक पहुंच गया।

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नैन्सी मेस ने सीधे तौर पर इल्हान उमर, श्री थानेदार और प्रमिला जयपाल जैसे नेताओं का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन नेताओं की वफादारी अमेरिका से ज्यादा दूसरे देशों के प्रति दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि बहुत लंबे समय से अमेरिका ने विदेशी मूल के लोगों को सत्ता के महत्वपूर्ण पदों तक पहुंचने दिया और अब इसे खत्म करने का समय आ गया है। नैन्सी मेस ने यहां तक कह दिया कि अगर यह संवैधानिक संशोधन लागू होता है तो वह इसे पुराने मामलों पर भी लागू करने के पक्ष में हैं, यानी पहले से संसद में मौजूद विदेशी मूल के नेताओं की सदस्यता भी खतरे में पड़ सकती है।

इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में जबरदस्त हंगामा मच गया। इल्हान उमर ने शुरुआत में इस प्रस्ताव को हल्के अंदाज में लेते हुए केवल इतना कहा, “उन्हें शुभकामनाएं।” लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। प्रमिला जयपाल ने नैन्सी मेस के प्रस्ताव को नस्लवादी, संकीर्ण सोच वाला और प्रवासियों का अपमान करने वाला कदम बताया। जयपाल ने कहा कि जब अमेरिकी जनता महंगाई, किराया और रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रही है तब नैन्सी मेस जैसे नेता असली मुद्दों से ध्यान भटकाकर विभाजनकारी राजनीति कर रहे हैं।

लेकिन विवाद ने और विस्फोटक रूप तब लिया जब दक्षिण कैरोलाइना के गवर्नर पद के रिपब्लिकन प्राथमिक चुनाव में नैन्सी मेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। चुनाव में वह पांचवें स्थान पर रहीं। इसके बाद इल्हान उमर ने उन पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “तुम जहां से आई हो वहां का एक तरफा टिकट तुम्हारे नाम पर तैयार है।” यह टिप्पणी सीधे तौर पर उसी पुराने बयान की याद दिलाने वाली थी जब नैन्सी मेस ने इल्हान उमर से कहा था कि उनके नाम का एक तरफा टिकट सोमालिया के लिए तैयार है।

इल्हान उमर की इस टिप्पणी पर नैन्सी मेस ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने कहा, “तुम मेरे बारे में कुछ भी कह लो, लेकिन मैं कभी अपने भाई से शादी नहीं करूंगी।” यह बयान इल्हान उमर को लेकर लंबे समय से चल रहे उन विवादों की ओर इशारा माना गया जिनमें उन पर अपने भाई से विवाह करने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हालांकि उमर इन आरोपों को पहले भी नकार चुकी हैं, लेकिन अमेरिकी राजनीति में यह मुद्दा बार-बार उछलता रहा है। एक अमेरिकी सांसद ने टीवी चैनल से बातचीत करते हुए आरोप लगाया है कि इल्हान उमर ने अपने भाई अहमद नूर सईद एल्मी से शादी की थी ताकि उन्हें अमेरिका में रहने और पढ़ाई करने के लिए कानूनी दस्तावेज मिल सकें। उन्होंने कहा कि बाद में जब यह मामला सार्वजनिक हुआ, तो 2017 में दोनों का तलाक हो गया और इसके बाद इल्हान उमर ने अहमद अब्दिसलान हिरसी से विवाह किया। उन्होंने यह भी कहा कि 2019 में इल्हान उमर के निजी जीवन को लेकर फिर विवाद खड़ा हुआ, जब उनके राजनीतिक सलाहकार टिम माइनट के साथ अनैतिक संबंधों की खबरें सामने आईं। साथ ही यह भी आरोप लगाए गए कि 2018 से 2020 के बीच उनकी चुनावी कैंपेन से माइनट की कंपनी को बड़ी रकम का भुगतान किया गया। इन घटनाओं के चलते इल्हान उमर लगातार राजनीतिक और व्यक्तिगत विवादों के केंद्र में बनी रहीं।

इसके अलावा, कई राजनीतिक विश्लेषकों और सामाजिक संगठनों ने माना है कि इल्हान उमर पर किया गया कटाक्ष केवल व्यक्तिगत हमला नहीं था, बल्कि यह उनके धार्मिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की ओर भी इशारा करता दिखाई दिया। इल्हान उमर मुस्लिम समुदाय से आती हैं जहां रिश्तों की परवाह किये बिना शादी करने की खबरें आम रहती हैं। आलोचकों का कहना है कि नैन्सी मेस का बयान राजनीतिक जवाब से आगे बढ़कर पहचान और धर्म आधारित हमले जैसा नजर आया, जिसने अमेरिका में पहले से चल रही धार्मिक और सामाजिक ध्रुवीकरण की बहस को और तेज कर दिया।

उधर, इस विवाद में एक और सांसद सारा मैकब्राइड भी कूद पड़ीं। उन्होंने नैन्सी मेस की चुनावी हार पर तंज कसते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। इसके जवाब में नैन्सी मेस ने एक और तीखा बयान जारी करते हुए कहा कि कम से कम उन्हें अपने लिंग को लेकर कभी भ्रम नहीं रहा और न ही वह अपने भाई से शादी करेंगी। इस बयान ने विवाद को और ज्यादा भड़का दिया। यही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो और भी ज्यादा आगे बढ़ते हुए कह दिया कि वो सोमालिया से यहां आई, अपने भाई से शादी की और अब हमें संविधान का लेक्चर सुना रही है।

दरअसल, यह पूरा मामला केवल व्यक्तिगत हमलों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे अमेरिका में तेजी से उभर रही राष्ट्रवादी राजनीति, प्रवासियों की भूमिका और पहचान की राजनीति का बड़ा संघर्ष छिपा हुआ है। नैन्सी मेस का प्रस्ताव अगर आगे बढ़ता है तो यह अमेरिकी संविधान में बेहद बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि इस संशोधन को लागू करना आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत और फिर अमेरिका के तीन चौथाई राज्यों की मंजूरी जरूरी होगी।

फिलहाल अमेरिका में यह मुद्दा जबरदस्त राजनीतिक ध्रुवीकरण पैदा कर चुका है। एक पक्ष इसे राष्ट्रहित और देशभक्ति का सवाल बता रहा है तो दूसरा पक्ष इसे खुला नस्लवाद और प्रवासी विरोधी राजनीति करार दे रहा है। लेकिन इतना तय है कि इल्हान उमर और नैन्सी मेस के बीच छिड़ी यह जंग अब केवल दो नेताओं की बहस नहीं रह गई है, बल्कि यह अमेरिका की बदलती राजनीति का सबसे विस्फोटक चेहरा बन चुकी है।

-नीरज कुमार दुबे

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