NTA परीक्षा सुधार के लिए Nandan Nilekani कार्यबल ने K Radhakrishnan से की चर्चा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 28, 2026

परीक्षा में सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाले उच्चस्तरीय कार्यबल ने पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन से विचार-विमर्श किया जिन्होंने 2024 में नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद केंद्र द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता की थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जुलाई में गठित यह कार्यबल फिलहाल विभिन्न हितधारकों से परामर्श कर रहा है।

शिक्षा मंत्रालय इन सिफारिशों को लागू कर रहा था, तभी इस वर्ष मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में एक और प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आया। इसे लेकर व्यापक विवाद और विरोध प्रदर्शन हुए तथा अंततः तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को प्रश्नपत्र लीक से सुरक्षित बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करने के वास्ते इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कार्यबल के गठन की घोषणा की थी।

कार्यबल ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में व्यापक सुधारों का अध्ययन करने और व्यापक सुधारों की सिफारिश करने के लिए पूर्व यूआईडीएआई अध्यक्ष नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल (एचपीटीएफ) का गठन किया गया है। एचपीटीएफ परीक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा कर रहा है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत, सुरक्षित, पारदर्शी, विश्वसनीय तथा भविष्य के लिए तैयार बनाने के वास्ते सुधारों की सिफारिश करेगा।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘समिति की सिफारिशें नवीनतम प्रौद्योगिकियों के उपयोग और उनके बेहतर इस्तेमाल को लेकर होंगी।

कार्यबल ने एनटीए के महानिदेशक और उच्च शिक्षा विभाग समेत विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया है। एचपीटीएफ ने एचपीएससी के अध्यक्ष के. राधाकृष्णन से भी सलाह-मशविरा किया है।’’ सात सदस्यीय राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल को बेहतर बनाने तथा एनटीए की संरचना और कामकाज में बदलाव के लिए सिफारिशें की थीं। एनटीए के पूर्ण पुनर्गठन की वकालत करते हुए राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रणालियों के लिए सुरक्षा नियंत्रण मजबूत करने के वास्ते 101 सिफारिशें की थीं।

इनमें प्रश्नपत्र प्रणाली, अभ्यर्थी पंजीकरण, शुल्क भुगतान, प्रवेश पत्र प्रणाली, कंप्यूटर आधारित परीक्षा मंच, ओएमआर प्रसंस्करण, सामान्यीकरण प्रणाली और परिणाम प्रणाली शामिल थीं। समिति ने यह भी कहा था कि एनटीए का दायरा उच्च शिक्षा की प्रवेश परीक्षाओं तक ही सीमित किया जाना चाहिए और इसके प्रशासन, सुरक्षा तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव किया जाना चाहिए। हालांकि, इस वर्ष प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उच्चतम न्यायालय ने एनटीए पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था ‘‘उसने कोई सबक नहीं लिया है।’’ अधिकारी ने कहा, ‘‘पिछली समिति द्वारा की गई सिफारिशों का नए कार्यबल द्वारा अध्ययन किया जा रहा है।

उच्चतम न्यायालय ने भी केंद्र से सिफारिशों के क्रियान्वयन की स्थिति पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।’’ नीलेकणी के अलावा कार्यबल के अन्य सदस्यों में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।

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