By अभिनय आकाश | Aug 29, 2022
तैयारी चांद को छूने की, नया मुकाम हासिल करने की और नया इतिहास लिखने की भी। चांद के पार चलो कि मुहिम के लिए कुछ इसी अंदाज में एस्ट्रोनॉट्स तैयारी भी करते दिखे। दरअसल, अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के आर्टेमिस वन की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। वन मिशन को नासा अंजाम देने जा रहा है। भारतीय समय के मुताबिक शाम 6:30 मिनट पर ओरियोन स्पेस क्राफ्ट को छोड़ा जाएगा। इस मिशन की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है। इंसानों को भेजने से पहले ये नासा की पहली फ्लाइट टेस्ट होगी। इसे फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से रवाना किया जाएगा।
ये इस रॉकेट का पहला मिशन है जिसमें कोई अंतरिक्ष यात्री सवार नहीं होगा। लेकिन यदि ये मिशन कामयाब रहता है तो, भविष्य में इस रॉकेट से अंतरिक्ष यात्री भी मिशन पर जा सकेंगे। यदि सबकुछ ठीक रहा तो इंसान 2024 से एक बार फिर चांद पर क़दम डाल सकेगा। आर्टेमिस नासा के लिए एक अहम मिशन है। इस साल दिसंबर में नासा अपोलो 17 के चांद पर पहुंचने के 50 साल पूरे करेगा। ये आख़िरी बार था जब मनुष्य चांद पर गया था।