Nasscom ने H-1B Visa शुल्क प्रस्ताव पर कहा, भारतीय कंपनियों ने घटाई निर्भरता

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 25, 2026

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग के निकाय नैसकॉम ने अमेरिकी एच-1बी वीजा पर 1,03,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियों ने पहले ही ऐसे वीजा पर अपनी निर्भरता काफी कम कर दी है। नैसकॉम ने बयान में कहा कि भारतीय कंपनियों ने पिछले पांच वर्षों में अमेरिका में स्थानीय स्तर पर नियुक्तियां लगातार बढ़ाई हैं। आईटी कंपनियों के संगठन ने कहा, ‘‘एच-1बी वीजा कार्यक्रम ने लंबे समय से अमेरिका में अल्पकालिक कौशल की कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग ने सोमवार को एच-1बी वीजा की निर्धारित सीमा के तहत आने वाले सभी आवेदनों पर 1,03,265 डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा। इसमें उच्च डिग्री छूट के लिए पात्र आवेदक भी शामिल हैं। अमेरिकी कांग्रेस ने फिलहाल एच-1बी वीजा कार्यक्रम के तहत सामान्य श्रेणी में सालाना 65,000 वीजा की सीमा तय की है।

इसके अलावा अमेरिकी संस्थान से मास्टर डिग्री या उससे ऊपर की डिग्री हासिल करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए 20,000 अतिरिक्त वीजा उपलब्ध हैं। इसे आम तौर पर ‘मास्टर्स कैप’ कहा जाता है। अमेरिकी प्रशासन का यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब एक संघीय अपील अदालत ने पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की एच-1बी वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर शुल्क लगाने की योजना को पलटने वाले जिला न्यायाधीश के आदेश पर रोक लगाने की अपील खारिज कर दी थी।

विभाग ने इस प्रस्ताव पर अगले 30 दिन के भीतर जनता से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

प्रमुख खबरें

Adani Enterprises और Jabil Inc ने Data Center उपकरणों के लिए 50:50 साझेदारी का प्रस्ताव दिया

Rishabh Pant चोट के कारण India A के शुरुआती दो Test मैचों से बाहर

Formula 1 की अफ्रीका में 33 साल बाद वापसी, Rwanda में होगा African Grand Prix

FIFA की पारदर्शिता पर सवाल, Gianni Infantino को वर्ल्ड कप संस्था से मिले 1.72 मिलियन डॉलर