By दिनेश शुक्ल | Aug 08, 2020
भोपाल। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार को लगभग सात महीनों से बंद पड़ी गैस पीड़ित विधवा पेंशन के सम्बन्ध में नोटिस भेजा है। भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन और भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति द्वारा दर्ज कराई गई एक आपत्ति का संज्ञान लेते हुए, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने केन्द्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार को इस मामले में चार सप्ताह के भीतर अपना जबाब देने के लिए कहा है। आयोग ने यह नोटिस शुक्रवार को भेजा है। गत 30 जुलाई को भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन और भोपाल गैस पीड़ित संघर्ष सहयोग समिति ने आयोग के सामने शिकायत दर्ज कराई थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा जारी नोटिस पर भोपाल गैस पीड़ित संगठनों ने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा है कि आयोग के इस निर्णय से इन वृद्ध महिलाओं के जीवन में बदलाव की झलक साफ़ नजर आएगी। उल्लेखनीय है कि भोपाल गैस कांड ने शहर की जिन 5 हजार महिलाओं के जीवन का सहारा छीना था उनमें से 4650 आज भी जीवित हैं। बाकी की 350 महिलाएं बीमारी के कारण दुनिया से चल बसी हैं। जीवित महिलाएं जिंदगी के लिए जद्दोजहत कर रही हैं। इनके बुढ़ापे का एकमात्र आर्थिक सहारा 1000 रुपये मिलने वाली गैस पीड़ित विधवा पेंशन है जो दिसंबर 2019 से बंद है।