By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 20, 2020
नयी दिल्ली। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार ने गुरुवार को संकेत दिये कि चयनसमिति ने जरूरत से ज्यादा नामों की सिफारिश करके राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की गरिमा को खतरे में डाला है। चयनसमिति ने इस बार खेल रत्न के लिये पांच और अर्जुन पुरस्कार के लिये 29 खिलाड़ियों के नाम की सिफारिश की है जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है। इस स्टार पहलवान ने सीधे शब्दों में नहीं कहा लेकिन संकेत दिये कि इतने अधिक खिलाड़ियों को पुरस्कार देने से इनकी गरिमा कम होगी। उन्होंने कहा कि इन पुरस्कारों से जुड़े गौरव को बनाये रखना जरूरी है। सुशील ने कहा, ‘‘जिनको नामित किया गया है मैं उन्हें बधाई देता हूं लेकिन मुझे लगता है कि इन राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों की गरिमा बनाये रखने की तरफ काम करना चाहिए। यह ओलंपिक वर्ष भी नहीं है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं भी एक खिलाड़ी हूं और मैं सभी के लिये खुश हूं लेकिन हमें इन पुरस्कारों से जुड़े गौरव को बनाये रखना होगा। ’’ इससे पहले 2016 में सरकार ने रियो ओलंपिक के प्रदर्शन के आधार पर चार खिलाड़ियों बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू, पहलवान साक्षी मलिक, जिम्नास्ट दीपा करमाकर और निशानेबाज जीतू राय को खेल रत्न पुरस्कार दिया था।