By अनन्या मिश्रा | Jan 12, 2026
हर साल 12 जनवरी को भारत में नेशनल यूथ डे मनाया जाता है। राष्ट्रीय युवा दिवस सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि भारत के आत्मविश्वास की याद है। यह दिन स्वामी विवेकानंद के जन्मतिथि पर बनाया जाता है। स्वामी विवेकानंद को विश्वास था कि अगर युवाओं में अनुशासन और आत्मबल होगा, तो भारत को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता है। तो आइए जानते हैं जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम के बारे में...
साल 1893 में शिकागो के विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण ने भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दिलाई थी। राष्ट्रीय युवा दिवस का दिन उसी गौरवशाली विरासत की याद दिलाता है। इस दिन देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में भाषण, वाद-विवाद प्रतियोगिता, युवा सम्मेलन और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हर साल यह दिन एक खास थीम के साथ मनाया जाता है। इस बार यानी की साल 2026 की थीम 'युवाओं की शिक्षा और रोजगार' पर आधारित है। यह थीम युवाओं के कौशल और नवाचार को विकसित करने पर जोर दे रहा है, जिससे कि भारत एक विकसित देश बन सके।
युवाओं को देश का भविष्य कहा जाता है। किसी भी राष्ट्र की उन्नति और प्रगति उसके युवाओं की कार्यक्षमता और सोच पर निर्भर करती है। स्वामी विवेकानंद युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। स्वामी विवेकानंद का मानना था कि समाज में युवा शक्ति ही सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
स्वामी विवेकानंद के इस विजन को सम्मान देने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरुक करने के लिए भारत सरकार ने स्वामी विवेकानंद की जन्मतिथि पर 'राष्ट्रीय युवा दिवस' मनाए जाने की घोषणा की थी। इस दिन को मनाए जाने का मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित करना और उनमें आत्मविश्वास जगाना है।