By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 07, 2024
तिरुवनंतपुरम । विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को राजनयिक स्थितियों को समझाने के लिए महाकाव्य रामायण से उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रों की परीक्षा उनके पड़ोसी देशों द्वारा ली जा सकती है। ठीक उसी तरह, जैसे कि भगवान राम की परीक्षा परशुराम ने ली थी। विदेश मंत्री ने कहा कि जिस तरह भगवान राम को लक्ष्मण की जरूरत थी उसी तरह हर देश को मजबूत और भाई समान दोस्त की आवश्यकता है।
परमाणु परीक्षण और परमाणु शस्त्रागार विकसित कर हमने एक और परीक्षा पास की। यह एक धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने जैसा है जो एक परमाणु धनुष है। यह एक प्रौद्योगिकी परीक्षण हो सकता है। विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘जिस तरह राम की परीक्षा परशुराम ने ली थी, उसी तरह हमारी भी परीक्षा ली जा सकती है। इसलिए हमें अन्य स्थितियों में परखा जा सकता है। राष्ट्रों की परीक्षा पड़ोसियों द्वारा की ली सकती है।