By अभिनय आकाश | Jul 16, 2025
नाटो की तरफ से भारत, चीन और ब्राजील को धमकी दी जा रही है कि अगर आप रूस के साथ किसी भी किस्म का ट्रेड करते हो तो आपके ऊपर डायरेक्ट प्रतिबंध लगेगा और जिसकी वजह से आपकी इकोनॉमी पर बड़ा असर पड़ेगा। नाटो के सेक्रेटरी जनरल मार्क रुट ने धमकी देते हुए कहा कि भारत, चीन और ब्राजील के ऊपर प्रतिबंध लगाए जाएंगे। नाटो के द्वारा रूस पर सेकेंडरी बैन लगाए जाएंगे। रूस पर पहले ही सीधे प्रतिबंध लगाए गए हैं और अब उनके पार्टनर्स को टारगेट किया जाएगा। दरअसल, रूस और यूक्रेन के बीच की जंग तीन साल से भी ज्यादा वक्त गुजर जाने के बाद भी जारी है। युद्ध के अंदर जिस तरह से ड्रोन और मिसाइल लॉन्च किए जा रहे हैं। ये वक्त के साथ और ब ढ़ता ही जा रहा है। रूस ने अभी तक किसी भी तरह के शांति प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में अब नाटो की तरफ से आर्थिक और सैन्य दवाब रूस की तरफ से डाला जाए जिससे उसे बातचीत की मेज पर लाया जा सके। बीते दिनों ट्रंप की तरफ से एक बयान भी सामने आया था दिन में पुतिन बहुत मीठी मीठी बाते करते हैं और रात को बमबारी कर देते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी निर्यात पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी भी दी है और संकेत दिया है कि अगर यूक्रेन के साथ 50 दिनों के भीतर कोई शांति समझौता नहीं होता है, तो वे रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर 50 दिनों के भीतर कोई समझौता नहीं होता है, तो यह बहुत बुरा होगा। टैरिफ जारी रहेंगे और अन्य प्रतिबंध भी जारी रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि द्वितीयक टैरिफ कांग्रेस की नई मंज़ूरी के बिना भी लागू किए जा सकते हैं। ट्रंप ने पहले कहा था हम द्वितीयक टैरिफ लगा सकते हैं। हम शायद 100 प्रतिशत या ऐसा ही कुछ कह रहे हैं। हम सीनेट या सदन के बिना द्वितीयक टैरिफ लगा सकते हैं, लेकिन वे जो योजना बना रहे हैं वह बहुत अच्छी भी हो सकती है।
रिपोर्टों के अनुसार, भारत, चीन और तुर्की रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल हैं और अगर ट्रंप प्रतिबंध लगाते हैं, तो इन देशों - खासकर भारत - को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस कदम से ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है और ऐसे समय में लागत बढ़ सकती है जब वैश्विक कीमतें पहले से ही अस्थिर हैं।