By अभिनय आकाश | Jan 14, 2026
यूरोपीय यूनियन इस समय भारत की फॉरेन पॉलिसी पर बकायदा स्टडी कर रहा है। इतना ही नहीं एक रिपोर्ट भी पब्लिश की गई है जिसमें यूरोप खुद मान रहा कि भारत अमेरिका रूस ब्रिक्स, जी20, और ग्लोबल साउथ सबके साथ एक साथ कैसे चल पा रहा है। यह यूरोप के लिए अब एक पहेली बन चुका है और इसी बीच भारत और चीन ने वेनेजुएला के तेल बाजार में बड़ी एंट्री मार दी है जिससे अमेरिका का टोन तक बदलता हुआ दिख रहा है। दरअसल दुनिया के ऑयल मार्केट में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय बाद वेनेजुला का कच्चा तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में लौटने जा रहा है। आपको याद होगा अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से वेनेजुला का तेल लगभग बाजार से गायब था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
इसका असर ग्लोबल ऑयल प्राइस पर पड़ेगा। ईरान सप्लाई में रुकावट के बीच वेनेजुला का तेल कीमतों को काबू में रख सकता है। यानी दुनिया को थोड़ी राहत। अब आते हैं दूसरी बड़ी खबर पर। साल 2025 में यूरोपीय यूनियन ने भारत की विदेश नीति पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट का सबसे बड़ा निष्कर्ष था कि भारत ने स्ट्रेटेजिक ऑटोनोमी को पैसिव नहीं एक्टिव बनाया है। ईयू मानता है कि भारत किसी एक गुट में नहीं बंधा है। ना अमेरिका का जूनियर पार्टनर है। ना रूस या चीन के दबाव में है। भारत की नीति है एक्टिव मल्टी एलाइनमेंट यानी अमेरिका से टेक्नोलॉजी, ब्रिक्स से ग्लोबल साउथ और G20 से ग्लोबल गवर्नेंस सब कुछ एक साथ।