Navneet Kaur Hockey World Cup जीतना चाहती हैं, महिला क्रिकेट टीम से मिली प्रेरणा

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 17, 2026

(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन , 17 अगस्त हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पिछले साल विश्व कप में खिताबी जीत से प्रेरणा लेने वाली स्टार हॉकी खिलाड़ी नवनीत कौर का कहना है कि वह हॉकी में इस उपलब्धि को दोहराना चाहते हैं। विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच विश्व कप के पहले मैच में पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोककर शानदार शुरूआत की। अब उसे मंगलवार को 18वीं रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम से खेलना है।

विश्व कप में भारत की सफलता का काफी दारोमदार नवनीत पर ही होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ आत्मविश्वास तो है क्योंकि काफी समय से खेल रहे हैं और टीम की तैयारी भी अच्छी रही है।मुझे लग रहा है कि अभी तक इस साल जितने टूर्नामेंट खेले हैं , मेरा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और उसी लय को विश्व कप में भी कायम रखना चाहूंगी।’’ लंदन में 2018 में पहला विश्व कप खेलने वाली नवनीत ने कहा कि अब उनकी भूमिका बदल गई है और सीनियर खिलाड़ी होने के नाते युवा खिलाड़ियों की मदद करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं जब टीम में आई थी तब जूनियर खिलाड़ी थी और अलग तरह का माहौल था।

तब कोच और सीनियर खिलाड़ियों से लगातार सीखने की कोशिश करते हैं लेकिन अब मेरा रोल बदल गया है क्योकि अब मैं खुद सीनियर हूं। अभी मुझे पता है कि मैं कैसे आगे बढी थी और जूनियर खिलाड़ियों की मदद कैसे कर सकती हूं।’’ नवनीत ने कहा ,‘‘ जिम्मेदारी होती है लेकिन मुझे पता है कि उसको कैसे हैंडल करना है। मेरा तीसरा विश्व कप है।

जब पहला खेला तो कुछ पता नहीं था कि कैसे अनुभव होगा। दूसरे में प्रदर्शन अच्छा रहा था लेकिन अब 200 से ज्यादा मैच खेलने के बाद परिपक्वता आई है और पता है कि क्या करना है।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं 2017 से सीनियर टीम में खेल रही हूं और काफी कुछ सीखा है। पहले सिर्फ हॉकी के कौशल पर ही फोकस था लेकिन धीरे धीरे पता चला कि स्मार्ट हॉकी खेलना और फिटनेस पर ध्यान देना भी जरूरी है।

अब मैं इस पर काफी मेहनत कर रही हूं।’’ भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप है , उन्हें क्या सलाह देती हैं, यह पूछने पर नवनीत ने कहा ,‘‘ मैंयही कहती हूं कि जब हमने भी पहली बार खेला था तो हमें ज्यादा नहीं पता था कि क्या अनुभव होगा और टीमें कैसे खेलती हैं। लेकिन आप लोग हमारे साथ खेलते हो तो आपमें वह हुनर देखा है जो विश्व स्तरीय खिलाड़ी में होना चाहिये। बस खुद पर भरोसा रखो।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ दबाव तो होगा क्योंकि बहुत बड़ा टूर्नामेंट है लेकिन आप सीनियर से या कोचों से बात कर सकते हो जो बतायेंगे कि जितना बोला गया है, उतना ही करना है।

कुछ अतिरिक्त नहीं करना है। यह संवाद खिलाड़ियों को अच्छा भी लगता है और दबाव से राहत भी मिलती है। ’’ यह पूछने पर कि तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही टीम में और इस टीम में क्या फर्क है , उन्होंने कहा ,‘‘ उस समय टीम में काफी सीनियर खिलाड़ी भी थे लेकिन इस टीम में काफी जूनियर खिलाड़ी भी हैं।

तैयारी की बात करें तो उस समय कोरोना के कारण एक अलग माहौल था। हम ज्यादा समय साथ रहे थे और आपस में ही ज्यादा से ज्यादा खेलकर अभ्यास किया था।’’ उन्होंने आगे कहा ,‘‘ लेकिन हमने अभी इस टूर्नामेंट से पहले नेशंस कप और क्वालीफायर खेला है जिससे युवा खिलाड़ियों को काफी एक्सपोजर मिला है। वे अच्छा खेल रहे हैं और उनके साथ हमारा तालमेल बहुत अच्छा रहा है तो प्रदर्शन उम्दा ही रहेगा।

’’ उन्होंने कहा कि अभी टीम का पूरा फोकस विश्व कप पर है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों के बारे में नहीं सोच रहे। उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेल भी महत्वपूर्ण है लेकिन अभी हम विश्व कप खेल रहे हैं तो उसी पर फोकस रखना है। यह भी बहुत बड़ा टूर्नामेंट है और यहां अच्छा खेलकर जो आत्मविश्वास मिलेगा , उसे एशियाई खेलों में लेकर जायेंगे।

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