By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 07, 2020
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पीएमएल-एन के सुप्रीमो नवाज़ शरीफ को सियार बताते हुए कहा कि वह फौज पर मुल्क की सियासत में शामिल होने का आरोप लगाकर तथा सैन्य और आईएसआई के नेतृत्व में बदलाव की मांग कर सेना में बगावत भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान के तीन बार के पूर्व प्रधानमंत्री 70 वर्षीय शरीफ फिलहाल लंदन में हैं और उन्होंने पिछले महीने सीधे तौर पर सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा और आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद पर खान की जीत सुश्निचित करने के लिए 2018 के आम चुनाव में दखलअंदाजी का आरोप लगाया था।
उसका अब भी सुरक्षा और विदेश नीति के मामलों में काफी दखल है। बहरहाल, सेना ने मुल्क की राजनीति में दखलअंदाजी करने से इनकार किया है। प्रधानमंत्री खान ने भी इन इल्ज़ामों का खंडन किया है कि फौज ने 2018 के चुनाव में उनकी मदद की थी। डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, खान ने कहा कि नवाज़ शरीफ बीमारी का बहाना बना कर देश से भाग गए। वह “पैसे की पूजा“ करते हैं और उन्होंने देश को लूट कर अपनी दौलत जमा की है। पीएमएल-एन के प्रमुख भ्रष्टाचार के कई आरोपों का सामना कर रहे हैं। वह फिलहाल ज़मानत पर हैं। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले साल नवंबर में उन्हें इलाज के लिए लंदन जाने की इजाजत दी थी। लेकिन वह वापस नहीं आए, जबकि उनके वकीलों ने अदालत से कहा कि वह अभी ठीक हो रहे हैं। खान ने फौज पर राजनीति में दखलअंदाजी करने का आरोप लगाने वाली शरीफ की बेटी मरयम नवाज़ पर भी हमला बोला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक महिला होने का फायदा उठा रही हैं, क्योंकि महिलाओं का पाकिस्तान में सम्मान किया जाता है। खान ने कहा, “नवाज़ शरीफ और उनके बेटों में मुल्क में रहकर पाकिस्तानी फौज पर हमला करने की हिम्मत नहीं हैं। इसलिए वे विदेश भाग गए। मरयम नवाज़ जानती हैं कि हम उन्हें महिला होने की वजह से जेल नहीं भेजेंगे। इसलिए वह फौज के खिलाफ ज़हर उगल रही हैं।“ उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी भ्रष्ट सियासतदानों को सेना पर आरोप लगाने की इजाजत कभी नहीं देंगे। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के तहत साथ आने वाले “ भ्रष्ट नेताओं“ को फटाकरते हुए खान ने कहा कि चोरों और लूटेरों का एक समूह इकट्ठा हुआ है जो देश को लूटने के बादविशेष रियायतों की मांग रहा है।