By Ankit Jaiswal | May 05, 2026
सैन एंटोनियो में खेले गए मुकाबले के बाद माहौल थोड़ा गंभीर नजर आया, जहां सैन एंटोनियो स्पर्स को मिनेसोटा टिम्बरवुल्व्स के खिलाफ पश्चिमी सम्मेलन के सेमीफाइनल के पहले मुकाबले में 104-102 से हार झेलनी पड़ी।
गौरतलब है कि इतने बेहतरीन डिफेंसिव खेल के बावजूद वेम्बन्यामा अपने खेल से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने माना कि उन्होंने अपनी ऊर्जा का सही तरीके से उपयोग नहीं किया, खासकर अटैक में। उनका कहना था कि अगर वे और टीम के प्रमुख खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते, तो नतीजा अलग हो सकता था।
मौजूद आंकड़ों के अनुसार, वेम्बन्यामा का आक्रमण पक्ष कमजोर रहा। उन्होंने केवल 29 प्रतिशत सटीकता के साथ शॉट लगाए और तीन अंक रेखा के बाहर से किए गए सभी आठ प्रयास चूक गए। यह स्पर्स के प्लेऑफ इतिहास में बिना कोई सफल शॉट लगाए सबसे ज्यादा चूक का रिकॉर्ड भी बन गया।
मिनेसोटा की मजबूत रक्षा ने इसमें अहम भूमिका निभाई। विशेष रूप से रूडी गोबर्ट और जूलियस रैंडल की जोड़ी ने वेम्बन्यामा को लगातार दबाव में रखा। उन्होंने वेम्बन्यामा के अधिकतर शॉट्स को चुनौती दी और उन्हें पेंट क्षेत्र में प्रभावी होने से रोका।
बता दें कि पहले हाफ में गोबर्ट ने वेम्बन्यामा को ज्यादा कवर किया, जबकि दूसरे हाफ में रैंडल ने जिम्मेदारी संभाली। रैंडल की निगरानी में स्पर्स का प्रदर्शन कमजोर रहा और टीम की अंक बनाने की दर भी घट गई।
वहीं, मुकाबले के अंतिम क्षणों में मिनेसोटा ने बढ़त बनाई, लेकिन स्पर्स ने वापसी की कोशिश की। अंतिम 30 सेकंड में डिलन हार्पर के डंक से टीम करीब पहुंची, लेकिन अंत में जूलियन शैम्पेनी का शॉट चूक गया और जीत हाथ से निकल गई।
स्पर्स के अनुभवी खिलाड़ी डीएरन फॉक्स भी इस मैच में प्रभावी नहीं रहे। उन्होंने वेम्बन्यामा के साथ मिलकर कुल 31 में से केवल 10 शॉट ही सफल किए और कई बार गेंद गंवाई।
गौरतलब है कि इस सीरीज में आने से पहले स्पर्स तीन अंक रेखा से 42 प्रतिशत की सटीकता से खेल रहे थे, लेकिन इस मैच में यह घटकर करीब 28 प्रतिशत रह गई।
हालांकि हार के बावजूद वेम्बन्यामा ने एक और उपलब्धि अपने नाम की। 22 साल की उम्र में वह स्पर्स के इतिहास में प्लेऑफ ट्रिपल डबल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए, जिससे उन्होंने टिम डंकन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।