By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 28, 2026
चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीट पर हुए चुनावों में भाजपा और राजग के उसके सहयोगियों ने 16 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को एक भी सीट पर जीत नहीं मिली। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में पांच सीट पर जीत दर्ज की, जिनमें वाराणसी की दो सीट शामिल हैं। महाराष्ट्र में नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की एक सीट को छोड़कर सभी सीट के नतीजे घोषित कर दिए गए।
कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। पार्टी चारों सीट हार गई। भाजपा ने तीन और जनता दल (सेक्युलर) ने एक सीट जीती।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मतपत्रों से मतदान होने के बावजूद कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को लेकर पार्टी पर कटाक्ष किया। विपक्षी दल इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खिलाफ अपने अभियान में मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक जैसे चार बड़े राज्यों की 28 सीट पर विधान परिषद के चुनाव हुए।
मतदान मतपत्रों से हुआ। अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीट जीतीं।” भाजपा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने महाराष्ट्र में दो सीट जीतीं, जबकि विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) को दो सीट पर जीत मिली। बिहार में भाजपा ने तीन सीट जीतीं, जबकि जनता दल (यूनाइटेड) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक-एक सीट जीती।
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के छह और स्नातकों के पांच निर्वाचन क्षेत्रों, बिहार में शिक्षकों और स्नातकों के चार-चार, कर्नाटक में शिक्षकों और स्नातकों के दो-दो तथा महाराष्ट्र में स्नातकों के तीन और शिक्षकों के दो निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना मंगलवार से शुरू हुई थी। इन चुनावों में केवल स्नातक और शिक्षक मतदाता ही वोट डालने के पात्र होते हैं।
मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाता है। भाजपा ने कांग्रेस की हार को लेकर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि मुख्य विपक्षी दल चुनाव ईवीएम से हों या मतपत्रों से, जनता का समर्थन हासिल नहीं कर सकता। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि जनता का समर्थन मेहनत से मिलता है, “मनोरंजन के लिए यात्राएं” करने से नहीं। कांग्रेस ने मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री को इतना भरोसा है कि ईवीएम का चुनाव नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ता, तो उन्हें लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनाव मतपत्रों से कराने की प्रतिबद्धता जतानी चाहिए। कर्नाटक में जद(एस) ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कांग्रेस से छीन लिया।
भाजपा ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों को हराया। हालांकि, इन नतीजों से कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इसे भाजपा और जद(एस) के बीच विपक्षी एकजुटता के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। इसे गठबंधन की नैतिक जीत भी माना जा रहा है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि बेंगलुरु शिक्षक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजे मंगलवार को घोषित कर दिए गए थे, जबकि बाकी दो सीट पर मतगणना रातभर जारी रही। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने कहा कि राजग की जीत सत्तारूढ़ कांग्रेस को जनता की ओर से खारिज किए जाने का संकेत है और यह 2028 के विधानसभा चुनावों की दिशा भी दिखाती है। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस जनता के फैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करती है।
उन्होंने माना कि पार्टी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी जनता के संदेश का विश्लेषण करेगी और सुधार के लिए जरूरी कदम उठाएगी। उत्तर प्रदेश में सपा के मान सिंह यादव ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की।
भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह (गुरुजी) ने आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। पार्टी ने बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट भी बरकरार रखी, जहां भाजपा उम्मीदवार हरि सिंह ढिल्लों ने सपा के दानिश अख्तर को हराया। भाजपा ने लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी जीत लिया।
वहां उसके उम्मीदवार उमेश द्विवेदी ने सपा के सुशील कुमार को हराया। मेरठ में भाजपा ने शिक्षक और स्नातक, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की। गोरखपुर-फैजाबाद मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने जीत हासिल की।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। आगरा-अलीगढ़ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा उम्मीदवार आकाश अग्रवाल ने भाजपा के हरि किशोर तिवारी को हराया। वाराणसी और लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में भी सपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीतने वाले पार्टी उम्मीदवारों से अपील की कि वे विजय जुलूस निकालने से बचें और इसके बजाय सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी जीत की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। अखिलेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में विजेताओं को ऐसी किसी भी गतिविधि से बचने की सलाह दी, जिससे अशांति फैल सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा गड़बड़ी पैदा करने और उसका आरोप सपा पर लगाने की कोशिश कर सकती है।
इससे पहले, अखिलेश ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें आगरा-अलीगढ़ शिक्षक सीट से जीतने वाले सपा उम्मीदवार आकाश अग्रवाल फटा हुआ कुर्ता पहने दिखाई दे रहे थे। उनके समर्थकों ने आरोप लगाया था कि उन पर हमला किया गया। अखिलेश ने कहा, “आगरा से जीत रहे सपा के विधान परिषद उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल के साथ भाजपा के लोगों ने जो व्यवहार किया, उसे कैसे सही ठहराया जा सकता है, यह भाजपा बताए।” पूर्व मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग, उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रपति से इस मामले का तुरंत संज्ञान लेने की अपील की।
उत्तर प्रदेश में अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले विधान परिषद के इन चुनावों को सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सपा के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। महाराष्ट्र में शिवसेना के किरण सरनाइक ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार कौस्तुभ गवाडे ने जीत हासिल की।
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राकांपा (शप) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने जीत दर्ज की। छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में राकांपा (शप) के उम्मीदवार प्रतापसिंह पाटिल विजयी रहे। नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य अभिजीत वंजारी के बीच कड़ा मुकाबला है।
बिहार के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी के सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के मौजूदा विधान परिषद सदस्य मदन मोहन झा को 324 वोटों से हराया। भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह ने मंगलवार को तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा को बड़े अंतर से हराया था।
भाजपा के दो विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार और एन. के. यादव ने क्रमशः दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक सीट बरकरार रखी। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के नीरज कुमार ने राजद उम्मीदवार को हराया। पांचवीं बार विधान परिषद सदस्य बने भाजपा नेता नवल किशोर यादव पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में अपनी सीट नहीं बचा सके।
राजद के संजीव कुमार ने उन्हें हरा दिया। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मौजूदा विधान परिषद सदस्य अफाक अहमद को निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने हराया। एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार बंसी धर ब्रजवासी ने तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी सीट बरकरार रखी।