कश्मीर से केरल तक के हालात को देखते हुए इसे बरकरार रखना जरूरी, विधि आयोग ने राजद्रोह कानून को लेकर कही बड़ी बात

By अभिनय आकाश | Jun 27, 2023

राजद्रोह पर कानून को निरस्त करने की मांग के बीच विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर से लेकर केरल और पंजाब से लेकर उत्तर-पूर्व तक की मौजूदा स्थिति के कारण 'देश की एकता और अखंडता' की रक्षा के लिए इस कानून को बरकरार रखना जरूरी हो गया है। कानून को बरकरार रखने की पैनल की सिफारिश का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम जैसे विशेष कानून विभिन्न क्षेत्रों में लागू होते हैं और राजद्रोह के अपराध को कवर नहीं करते हैं और इसलिए, राजद्रोह पर विशिष्ट कानून भी होना चाहिए। 

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पिछले महीने सरकार को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में न्यायमूर्ति अवस्थी की अध्यक्षता वाले 22वें विधि आयोग ने इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों के साथ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए को बनाए रखने का समर्थन किया था। इस सिफारिश से राजनीतिक हंगामा मच गया और कई विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह अगले साल लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दल के खिलाफ असहमति और आवाज को दबाने का प्रयास है।

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