By Ankit Jaiswal | Aug 06, 2026
पिछले कुछ महीनों से भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े सितारे नीरज चोपड़ा मैदान से ज्यादा अपनी फिटनेस को लेकर चर्चा में रहे। अब राष्ट्रमंडल खेल 2026 में रजत पदक जीतने के बाद उन्होंने पहली बार खुलकर बताया है कि बीते 10 महीने उनके खेल जीवन के सबसे कठिन दौर में से एक रहे। लगातार चोटों, लंबे पुनर्वास और अनिश्चितता के बीच उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी और आखिरकार दमदार वापसी करने में सफल रहे।
बता दें कि नीरज चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि पिछले 10 महीनों ने उन्हें ऐसे तरीके से परखा, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने लिखा कि कई चोटों से उबरना, शरीर को फिर से मजबूत बनाना, अपनी लय वापस पाना और धैर्य बनाए रखना आसान नहीं था। कई बार वह रोज अभ्यास करते थे, लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता होता था कि इस वर्ष किसी प्रतियोगिता में हिस्सा ले पाएंगे या नहीं।
गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा ने वर्ष 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 86.47 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था। हालांकि वर्ष 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में वह चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सके थे। इसके बाद पिछले वर्ष विश्व एथलेटिक्स प्रतियोगिता से ठीक पहले उन्हें कमर के निचले हिस्से में भी चोट लगी थी, जिसके चलते वह लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा से बाहर रहे।
मौजूद जानकारी के अनुसार, ग्लासगो में उन्हें श्रीलंका के खिलाड़ी रमेश थरंगा पाथिराजे से कड़ी चुनौती मिली। तेज हवा के बीच खेले गए मुकाबले में पाथिराजे ने 89.75 मीटर का शानदार प्रयास करते हुए स्वर्ण पदक जीता, जबकि नीरज चोपड़ा को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि चोट से वापसी के बाद यह प्रदर्शन नीरज के आत्मविश्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
नीरज चोपड़ा ने अपनी वापसी का श्रेय अपने सहयोगी दल को भी दिया। उन्होंने अपने फिजियो ईशान मरवाहा का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि पुनर्वास के हर चरण में उन्होंने उनका साथ दिया और दोबारा मैदान पर लौटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने अपने कोच जय चौधरी का भी आभार जताया, जो उनके शुरुआती दिनों से उनके साथ जुड़े हुए हैं और लगातार उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने अपने परिवार का भी धन्यवाद किया और कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी परिवार हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा। नीरज ने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी का सफर अभी पूरा नहीं हुआ है और वह एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए आने वाली प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं।