By एकता | May 17, 2026
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले की मुख्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मांढरे को 14 दिनों के लिए सीबीआई की कस्टडी में सौंप दिया है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, महाराष्ट्र की एक सीनियर टीचर मांढरे, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जुड़ी एक विशेषज्ञ के तौर पर काम कर रही थीं। वे पुणे के शिवाजीनगर इलाके में स्थित 'मॉडर्न कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स' में पढ़ाती थीं।
जांचकर्ताओं का दावा है कि अप्रैल 2026 के दौरान आरोपी मांढरे ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के माध्यम से कुछ चुनिंदा नीट उम्मीदवारों की पहचान की थी। इस सौदेबाजी में शामिल मनीषा वाघमारे को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
सीबीआई के अनुसार, पुणे में आरोपी मांढरे के घर पर छात्रों के लिए खास कोचिंग सेशन रखे गए थे। इन क्लासेज के दौरान, छात्रों को बॉटनी और जूलॉजी के जरूरी सवालों को अपनी नोटबुक में लिखने और टेक्स्टबुक में निशान लगाने के लिए कहा गया था। अधिकारियों का कहना है कि मांढरे द्वारा बताए गए ये कई सवाल बाद में नीट यूजी 2026 के असली परीक्षा पेपर से हूबहू मेल खाते मिले।
जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरे पेपर लीक ऑपरेशन में विभाग के अंदरूनी लोग, बिचौलिए और कुछ ऐसे उम्मीदवार शामिल थे, जिन्होंने परीक्षा के लीक प्रश्न हासिल करने के लिए भारी रकम चुकाई थी। आपको बता दें कि शिक्षा मंत्रालय के अधीन उच्च शिक्षा विभाग से शिकायत मिलने के बाद, सीबीआई ने 12 मई 2026 को इस मामले में आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी।