बड़वानी जिला अस्पताल में प्रशासन की लापरवाही, 20 पलंगों पर 86 से ज्यादा मरीजों का हो रहा है इलाज

By सुयश भट्ट | Aug 23, 2021

भोपाल| मध्य प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर की शांत होते ही अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार तीसरी लहर में सबसे ज्यादा खतरा 18 साल से कम उम्र के लिए ज्यादा रहेगा। जिसका असर कुछ दिनों से देखने को भी मिल रहा है। बदलते मौसम में फैलने वाले वायरल की चपेट में प्रदेश के बड़वानी शहर में बच्चें बूरी तरह से आ चुके हैं।

आपको बता दें कि यहां बच्चों में वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है जिससे बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में शिशु वार्ड के 20 पलंगों पर 86 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो रहा है। ऐसे में बच्चों को तीसरी लहर से बचाने की चिंता अब और भी बढ़ गई है।

वहीं अब इससे यह भी साफ हो रहा है कि प्रशासन ने बच्चों को तीसरी लहर के प्रभाव से बचाने के लिए कितने प्रयास किए हैं। तीसरी लहर के आने से पहले ही अस्पताल में क्षमता से चार गुना अधिक मरीजों का उपचार किया जा रहा है। दरअसल मौसम में आ रहे बदलाव औैर लगातार हो रही बारिश के कारण बड़वानी समेत कई इलाकों में सर्दी जुकाम और बुखार से काफी मरीज पीड़ित है।

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इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा कि जहां एक तरफ कोरोना की तीसरी लहर को ढाल बनाकर प्रदेश की भाजपा सरकार जनता के मुद्दों से बचने का प्रयास कर रही है। और दावा कर रही है ली हमारा पूरा ध्यान तीसरी लहर में प्रदेश के बच्चों को बचाना है। वहीं दूसरी ओर उनके दावे की हकीकत बड़वानी के जिला चिकित्सालय में बच्चों के वार्ड में देखने को मिली। इस अस्पताल में अधिकतम क्षमता 20 बिस्तरों की है परंतु यहां पर 20 बिस्तरों पर 86 बच्चों को भर्ती किए जाने का दावा किया जा रहा है । यह तो प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को जवाब देना चाहिए कि 20 बिस्तरों पर 86 बच्चों का इलाज कैसे कर पा रहे हैं।  सरकार की लापरवाही का खामियाजा प्रदेश का अभिभावक भुगत रहा है।

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