Nepal Flash Flood में 162 लोगों की मौत, 133 भारतीयों समेत सैकड़ों लापता

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 27, 2026

शिरीष बी प्रधान काठमांडू, 27 अगस्त नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 162 हो गई है। इस आपदा में सुरक्षा बलों के जवानों और विदेशी पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग लापता हैं। इसे हाल के वर्षों में देश की सबसे भीषण आपदाओं में से एक माना जा रहा है।

इसके बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बढ़ा। इलाके में बारिश नहीं होने के कारण लोगों को आपदा का कोई अंदाजा नहीं था और वे रोजमर्रा के काम में लगे हुए थे, तभी अचानक बाढ़ ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। आपदा की भयावहता सामने आने के बाद रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना और दर्जनों अन्य लोग पास के जंगल की ओर भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

सीमा शुल्क जांच चौकी पर खड़े 300 से अधिक वाहन और ट्रक भी बाढ़ में बह गए। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने तीन जिलों में तबाही मचाई और कम से कम 162 लोगों की जान चली गई। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, हिमस्खलन से नेपाल-चीन सीमा के पास नदी के ऊपरी हिस्से में नदी का बहाव रुक गया, जिसके कारण यह बाढ़ आई।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने बताया कि रसुवागढ़ी से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में नेपाल-चीन सीमा पर बर्फ और चट्टानों के खिसकने के बाद ल्हेंदे नदी में मलबे के साथ पानी का तेज बहाव आया। प्राधिकरण ने कहा, ‘‘तिमुरे से गुजरने के बाद यही बाढ़ त्रिशूली नदी में पहुंचती दिखाई देती है।’’ बाढ़ के कारणों को लेकर अलग-अलग आकलन सामने आ रहे हैं। आपदा विशेषज्ञ बसंत राज अधिकारी ने भी कहा कि रसुवागढ़ी से करीब 20 किलोमीटर ऊपर ल्हेंदे नदी में हिमस्खलन हुआ, जिससे नदी का बहाव रुक गया और बाढ़ आ गई।

अधिकारियों के अनुसार, लापता करीब 500 लोगों में कम से कम 133 भारतीय और 37 भारतीय मूल के विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें कम से कम 50 भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री थे। बाढ़ के बाद सुरक्षा बलों के 81 जवानों से संपर्क नहीं हो पाया है।

इनमें रसुवागढ़ी, स्याफ्रुबेसी और बेत्रावती समेत अन्य इलाकों में तैनात नेपाली सेना के 44 जवान, नेपाल के 28 पुलिसकर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के नौ जवान शामिल हैं। इस बीच, बाढ़ और भूस्खलन के कारण नौ जिलों में कई सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है। नेपाल पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, कुछ जगहों पर कीचड़ और चट्टानों के जमा होने से सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बाढ़ के खतरे को देखते हुए यातायात रोक दिया गया है।

प्रमुख खबरें

Indian Bank को Q2 में बड़ा फायदा, शुद्ध लाभ 15% चढ़कर पहुंचा ₹3462 करोड़

सऊदी अरब में उड़ानें रद्द होने से फंसे Umrah Pilgrims, भारत ने मक्का में शुरू किया कंट्रोल रूम

EC और भाजपा पर Akhilesh Yadav का बड़ा आरोप, 19.2 लाख संदिग्ध फर्जी मतदाताओं की पहचान का दावा

NEET-PG 2026 उत्तर कुंजी और प्रश्नों की पारदर्शिता पर Supreme Court का केंद्र को नोटिस