By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 30, 2026
नेपाल में बाढ़ और अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है। रविवार को भी कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से खतरा बना हुआ है। करीब 2,500 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे, कीचड़ और खराब मौसम के बीच लोगों को तलाशने में जुटे हैं।
भारी बारिश और कोहरे की वजह से राहत और बचाव अभियान कुछ समय के लिए रुक गया था। अब पांचवें दिन अभियान फिर तेज कर दिया गया है। हेलीकॉप्टरों ने दोबारा उड़ान भरनी शुरू कर दी है और बचाव दल सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में मलबे के बीच लोगों की तलाश कर रहे हैं।
चीन की सीमा से लगे रसुवा और नुवाकोट इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां बचाव दल मलबे और क्षतिग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों को खोजने में जुटे हैं।
अधिकारियों ने लोगों और बचाव दलों से सतर्क रहने को कहा है। सुनकोशी और भोटेकोशी नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। सिंधुली में सुनकोशी नदी चेतावनी स्तर से ऊपर चली गई थी।
वहीं, रसुवा में भोटेकोशी नदी का जलस्तर रात करीब 3 बजे तेजी से बढ़ा, हालांकि बाद में इसमें गिरावट शुरू हो गई। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल नदी के निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर बाढ़ आने का तत्काल खतरा नहीं है।
यह तबाही बुधवार को ग्लेशियर टूटने के बाद आई अचानक बाढ़ से शुरू हुई। पहाड़ी नदियों में पानी के साथ चट्टानें, बर्फ, कीचड़ और मलबा तेज रफ्तार से नीचे आया। इससे नेपाल के कई इलाकों में इमारतें, पुल और बिजलीघर बह गए।
इस प्राकृतिक आपदा का असर नेपाल के साथ-साथ तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी पड़ा है। चीन के मुताबिक, वहां सीमा पार करने वाला एक पूरा परिसर पानी और मलबे की तेज धार में पूरी तरह तबाह हो गया।
चीन के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में अब तक 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि 546 लोग लापता हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल और तिब्बत को मिलाकर करीब 3,000 लोग अब भी लापता हैं। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों की तलाश और राहत पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।