By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 19, 2026
(शिरीष बी. प्रधान) काठमांडू, 19 सितंबर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने शनिवार को कहा कि नेपाल में आपदाओं के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को ‘‘सबसे अधिक प्राथमिकता’’ के साथ लागू किया जाएगा। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी में आकस्मिक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के शहरों तथा गांवों में भारी तबाही मचाई थी। शुक्रवार तक इस आपदा में 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी और 6,000 से अधिक लोग लापता हो गए थे।
उन्होंने कहा कि भोटेकोशी बाढ़ से हुई ‘‘हानि और क्षति हमारे लिए अकल्पनीय और अपूरणीय है।’’ देश की अर्थव्यवस्था के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा को शामिल करके ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम करेगी। डिजिटल शासन कार्य योजना का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि युवाओं द्वारा अपेक्षित सुशासन भी प्रौद्योगिकी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन, विकास, समृद्धि और सामाजिक न्याय नागरिकों की आकांक्षाएं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार का प्रत्येक कदम इन आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में केंद्रित है और आगे भी रहेगा।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रतिस्पर्धी बहुदलीय लोकतंत्र, मानवाधिकार और कानून का शासन राष्ट्रीय जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह संविधान नेपाली नागरिकों से एक वादा करता है कि विविधता के बीच एकता के आधार पर समान समाज का निर्माण किया जाएगा, सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त किया जाएगा और विकास, समृद्धि तथा सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।’’ शाह ने कहा, ‘‘संघीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तरों के बीच सहयोग, सह-अस्तित्व और समन्वय के आधार पर राष्ट्रीय विकास के साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए संघीय सरकार प्रतिबद्ध है।’’ नेपाल ने 11 साल पहले आश्विन तृतीया, 2072 (विक्रम संवत कैलेंडर) को अपना नया संविधान लागू किया था जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार आमतौर पर सितंबर के मध्य के आसपास पड़ता है।