By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 25, 2026
(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 25 सितंबर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने क्षेत्र में हाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनजर नेपाल, भारत और चीन के नेतृत्व में ‘हिमालयी जलवायु लचीलापन तंत्र’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। शाह ने बृहस्पतिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में अपने पहले संबोधन में कहा कि बढ़ता तापमान नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को अस्थिर कर रहा है। शाह ने कहा, “हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में करीब दो अरब लोग रहते हैं।
संयुक्त प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करें और जब कोई आपदा आए, तो सीमाओं के पार राहत एवं सहायता का समन्वय करें। हिमालय को बिखरी हुई सूचनाओं की सीमा के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग की प्रयोगशाला बनाया जाए।” उन्होंने कहा, ‘‘ पिघलता हुआ पर्माफ्रॉस्ट (स्थायी रूप से जमी जमीन) हिमनदों के नीचे पर्वतीय ढलानों को कमजोर कर रहा है और हिमस्खलन, बाढ़, भूस्खलन तथा अन्य श्रृंखलाबद्ध प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को बढ़ा रहा है। इसके परिणामस्वरूप हुई तबाही ने नेपाल-चीन सीमा के दोनों ओर भारी नुकसान पहुंचाया और बाढ़ का पानी आगे भारत की ओर भी बहता चला गया।