युद्ध में फंसे नेतन्याहू, ईरानी मिसाइलों की बारिश से दहल उठा इजरायल

By अभिनय आकाश | Mar 28, 2026

मिडिल ईस्ट में इस वक्त आग लगी हुई है और इसी बीच यूएन के मंच पर जो भी हुआ वो सुनकर दुनिया के समीकरण बदल जाएंगे। भारत और ईरान साथ-साथ यूएन में एक ही खेमे में नजर आए। एक तरफ ईरान है, दूसरी तरफ अमेरिका और इजराइल है। मिसाइलें चल रही हैं। बयानबाजी अपने चरम पर है और दुनिया को लग रहा है कि मामला और बिगड़ सकता है। लेकिन इसी जंग के बीच एक ऐसा फैसला हुआ है जिसने पूरी दुनिया की राजनीति का रुख बदल दिया है। कहते हैं सच चाहे जितना भी दबाव एक दिन मंच पर आ ही जाता है। इस बार वो मंच था यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली। जहां इतिहास का हिसाब मांगा गया। मामला था गुलामी और अटलांटिक दास व्यापार का। एक ऐसा कालाध्याय जिसने लाखों अफ्रीकियों को इंसान से संपत्ति बना दिया। करीब 60 देशों ने मिलकर प्रस्ताव रखा कि गुलामी सिर्फ इतिहास नहीं मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है। 123 देशों ने समर्थन किया। सिर्फ तीन ने विरोध किया और बता दें कि 52 देश चुप रहे जिनमें विरोध पर थे यूनाइटेड स्टेट्स, इजराइल और अर्जेंटीना। यानी दुनिया एक तरफ और ये तीन देश दूसरी तरफ। 

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वहीं बता दें कि यूएन प्रमुख अटोनियो गटरेस ने साफ कह दिया है कि लाखों लोगों को उनके घरों से छीन लिया गया और हर सात में से एक रास्ते में ही मर गया। अब यहां भारत की चाल अगर हम समझते हैं तो बता दें भारत ईरान के साथ कुछ मुद्दों पर खड़ा हुआ है। पश्चिम से रिश्ते भ बरकरार रख रहा है भारत और अपने हित भी सबसे ऊपर इस समय भारत में रखे हुए हैं। यानी सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे यह आज भारत ने दिखा दिया है। आज यूएन में जो भी हुआ वो सिर्फ एक वोट नहीं था। यह था बदलती दुनिया का संकेत। जहां यूनाइटेड स्टेट्स कुछ हद तक अलग दिखा, इंडिया संतुलित दिखा लेकिन मजबूत दिखा। और ईरान ने जंग के बीच भी कूटनीतिक मौके का फायदा उठाया।

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