By एकता | Apr 12, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के विफल होते ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को सफल बताते हुए कहा कि इजरायल ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और ईरान के परमाणु व बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
रविवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस विफलता के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'अमेरिका अपनी 'रेड लाइन्स' पर कायम है और ईरान ने शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है। वार्ता का विफल होना अमेरिका से कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। कोई समझौता न होने के कारण अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वापस लौट रहा है।'
दूसरी ओर, ईरान ने बातचीत टूटने का पूरा दोष अमेरिका पर मढ़ा है। ईरान के सरकारी मीडिया IRIB के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने शांति के लिए कई प्रस्ताव पेश किए थे, लेकिन अमेरिका की 'अनुचित मांगों' और अड़ियल रुख के कारण बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इस विफलता के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।