By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 18, 2026
इजराइल के हमलों में ईरान के दो वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और जनरल गुलाम रजा सुलेमानी मारे गए जो इस्लामी गणराज्य की नेतृत्व व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इन हमलों के जवाब में ईरान ने बुधवार को इजराइल और खाड़ी के अरब देशों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी को देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता था और जनरल गुलाम रजा सुलेमानी ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के स्वयंसेवी ‘बासिज’ बल के प्रमुख थे।
इजराइल का कहना है कि ईरान के इन अधिकारियेां को ईरानी शासन को कमजोर करने के लिए मारा गया। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने मंगलवार को कहा कि अली लारीजानी और जनरल गुलाम रजा सुलेमानी को रात में हमलों में ‘‘मार गिराया गया।’’ इजराइली सेना ने बताया कि तेहरान में ‘बासिज’ बल के 10 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इन हत्याओं का उद्देश्य ईरान में शासन को कमजोर करना है ताकि ईरानी जनता को इसे हटाने का अवसर मिल सके।’’ युद्ध शुरू होने के बाद से हालांकि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान का तेल परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग- होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ में जरा भी ढील देने का कोई इरादा नहीं है। इस जलमार्ग से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।