By अभिनय आकाश | Jun 05, 2026
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) द्वारा राज्य में होने वाले दोनों राज्यसभा सीटों पर अपना दावा जताने के बाद झारखंड में भारतीय गठबंधन के भीतर दरार के नए संकेत उभर आए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस पहले ही एक सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर चुकी है, जिससे गठबंधन के साझेदारों के बीच संभावित टकराव की स्थिति बन गई है। जेएमएम विधायकों, मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद इस मुद्दे ने जोर पकड़ा, जहां पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति पर चर्चा की। विचार-विमर्श के बाद, राज्य मंत्री योगेंद्र महतो ने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर इस बात पर व्यापक सहमति है कि जेएमएम को दोनों रिक्त सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए।
जम्मू-मालिक-मालिक (जेएमएम) का यह ताजा बयान कांग्रेस द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए सात उम्मीदवारों की सूची जारी करने और झारखंड से प्रणव झा को अपना उम्मीदवार घोषित करने के ठीक एक दिन बाद आया है। कांग्रेस की इस घोषणा को व्यापक रूप से इस संकेत के रूप में देखा गया कि पार्टी गठबंधन के सीट बंटवारे में अपना हिस्सा बरकरार रखना चाहती है। हालांकि, जेएमएम के इस नए रुख ने चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में एक नया आयाम जोड़ दिया है। यदि जेएमएम औपचारिक रूप से दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का फैसला करती है, तो आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर चर्चाएँ तेज होने की संभावना है।