By Ankit Jaiswal | Feb 05, 2026
करीब दो साल पहले अमेरिका में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा की अगुआई में भारत ने जो ऐतिहासिक सफर तय किया था, उसकी गूंज अब भी क्रिकेट जगत में सुनाई देती हैं। उस टूर्नामेंट में टीम इंडिया एक भी मुकाबला हारे बिना खिताब तक पहुंची थी और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी ओवर में शानदार वापसी करते हुए दूसरी बार टी20 विश्व विजेता बनी।
बता दें कि उस जीत के तुरंत बाद कप्तान रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। उस समय यह सवाल उठ रहे थे कि इन दिग्गजों के बिना टीम का भविष्य कैसा रहेगा, लेकिन मौजूद जानकारी के अनुसार सूर्यकुमार यादव के कप्तान बनने के बाद टीम ने न सिर्फ इन आशंकाओं को खत्म किया बल्कि खुद को और मजबूत साबित किया है।
गौरतलब है कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत अब तक कोई भी टी20 सीरीज नहीं हारा है, चाहे वह द्विपक्षीय रही हो या बहु-राष्ट्र टूर्नामेंट। इसी दमदार प्रदर्शन के चलते टीम 2026 टी20 वर्ल्ड कप में शीर्ष रैंकिंग के साथ उतरेगी और खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।
इस मौजूदा टीम संयोजन में किसी बड़ी कमजोरी की झलक नहीं दिखती है। ईशान किशन की हालिया वापसी ने टीम की बल्लेबाजी को और धार दी हैं, जो लगातार अपने आलोचकों को जवाब देने के इरादे से खेल रहे है।
पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता का मानना है कि 2024 की विश्व कप जीत के बाद से यह टीम एक अलग ही स्तर पर पहुंच चुकी है। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ हालिया 4-1 की जीत इस बदलाव का साफ उदाहरण है।
हालांकि, टीम प्रबंधन के लिए चिंता का एक पहलू संजू सैमसन का खराब फॉर्म है। वे टीम के पहले पसंद के विकेटकीपर-बल्लेबाज और ओपनर रहे हैं, लेकिन मौजूदा लय में ईशान किशन उनकी जगह प्लेइंग इलेवन में दावा मजबूत कर सकते है। दासगुप्ता का मानना है कि बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता टीम के लिए बड़ी समस्या नहीं हैं और संतुलन बनाए रखा जा सकता है।
कुल मिलाकर, मौजूदा फॉर्म और संयोजन को देखते हुए टीम इंडिया एक बार फिर टी20 विश्व कप में इतिहास दोहराने के बेहद करीब नजर आ रही है।