रूस से खरीदा तेल तो लगेगा तगड़ा टैरिफ, अमेरिकी सीनेट में आया नया बिल

By अभिनय आकाश | Dec 18, 2025

अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है। इसका मकसद उन विदेशी कंपनियों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाना है जो रूस से तेल खरीदना जारी रखती है। अमेरिका का कहना है कि रूस इन पैसो का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने में करता है। ओहियो के रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड द्वारा पेंसिल्वेनिया के सीनेटर डेव मैककॉर्मिक, मैसाचुसेट्स की सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन और डेलावेयर के सीनेटर क्रिस्टोफर कून्स के साथ मिलकर पेश किया गया 'डिक्रीजिंग रशियन ऑयल प्रॉफिट्स (डीआरओपी) एक्ट ऑफ 2025' अमेरिकी सरकार को रूसी पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल पाए जाने वाले विदेशी व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है।

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हस्टेड ने कहा कि अगर हमारे सहयोगी और व्यापारिक साझेदार तेल खरीदना चाहते हैं, तो वे अमेरिकी तेल खरीद सकते हैं। जो देश रूसी तेल खरीदने पर अड़े हैं, यह विधेयक उन्हें यूक्रेन को समर्थन देने के लिए प्रोत्साहित करेगा। विधेयक के समर्थकों ने यूक्रेन पर मॉस्को के आक्रमण के बाद से लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल की निरंतर वैश्विक मांग की ओर इशारा किया। चीन, भारत, तुर्की और ईरान, जिनमें तथाकथित गुप्त सैन्य बेड़े भी शामिल हैं, रूसी तेल के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से हैं। एक मीडिया विज्ञप्ति में कहा गया है कि हालांकि लगभग सभी यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सहायता प्रदान की है, फिर भी कई यूरोपीय देश क्रेमलिन से तेल खरीदते हैं, जिससे रूस के युद्ध को वित्तपोषित करने में मदद मिलती है।

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