Donald Trump Iran Strikes | AI युद्ध का नया चेहरा! अमेरिका ने कैसे 24 घंटे में तबाह किए ईरान के 1,000 ठिकाने?

By रेनू तिवारी | Mar 07, 2026

ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के पहले 24 घंटों में जो तबाही देखी गई, उसके पीछे कोई साधारण सैन्य रणनीति नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे उन्नत AI-पावर्ड सिस्टम था। 'द वाशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पहले 12 घंटों में ही लगभग 900 मिसाइलें दागकर ईरान की कमर तोड़ दी। इसी शुरुआती हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का परिसर भी निशाना बना, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, AI-इनेबल्ड सिस्टम ने US मिलिट्री को ऑपरेशन के सिर्फ पहले 12 घंटों में ईरानी टारगेट पर करीब 900 मिसाइलें लॉन्च करने में मदद की। इन शुरुआती हमलों के दौरान, खबर है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कंपाउंड पर हमला हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई।

 

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AI मॉडल क्लॉड की भूमिका

Maven प्लेटफॉर्म में क्लॉड शामिल है, जो AI कंपनी एंथ्रोपिक का बनाया हुआ एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल है। रिपोर्ट के मुताबिक, क्लॉड इंटेलिजेंस इनपुट को एनालाइज़ करने, संभावित टारगेट की पहचान करने और उनकी स्ट्रेटेजिक अहमियत के आधार पर उन्हें रैंक करने में मदद करता है। AI टूल्स का इस्तेमाल ऑपरेशन शुरू होने के बाद हमलों के असर का अंदाज़ा लगाने के लिए भी किया जाता है, जिससे कमांडर नतीजों का जल्दी से मूल्यांकन कर सकते हैं और प्लान को एडजस्ट कर सकते हैं। AI मॉडल का इस्तेमाल US मिलिट्री एंथ्रोपिक की पैलंटिर के साथ पार्टनरशिप के ज़रिए करती है, जो टेक्नोलॉजी को अपने इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट करता है।

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US मिलिट्री द्वारा बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाने वाला AI सिस्टम

Maven स्मार्ट सिस्टम पहले से ही US आर्म्ड फोर्सेज़ के लिए एक ज़रूरी टूल बन गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मई 2025 तक, 20,000 से ज़्यादा US मिलिट्री के लोग रियल टाइम में सैटेलाइट और सर्विलांस सिस्टम से इकट्ठा की गई इंटेलिजेंस को प्रोसेस करने के लिए एक्टिव रूप से प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, US मिलिट्री कमांडर इस सिस्टम पर बहुत ज़्यादा निर्भर हो गए हैं क्योंकि यह बहुत सारे सेंसिटिव डेटा को तेज़ी से समझने की क्षमता रखता है।

लड़ाई में AI पर बढ़ती निर्भरता

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इस AI प्लेटफॉर्म पर निर्भरता इतनी ज़्यादा हो गई है कि अगर एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने सेना को इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया, तो डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन दूसरा प्लेटफॉर्म बनने तक सिस्टम तक पहुंच बनाए रखने के लिए सरकारी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है। यह डेवलपमेंट इस बात पर ज़ोर देता है कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेज़ी से मॉडर्न लड़ाई को आकार दे रहा है, जिससे सेना को इंटेलिजेंस को तेज़ी से एनालाइज़ करने और बहुत तेज़ी से ऑपरेशन करने में मदद मिल रही है।

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