मोदी मंत्रिपरिषद में दिखी 'सबका साथ सबका विकास' की झलक, जातीय समीकरण को भी साधने का हुआ प्रयास

By अनुराग गुप्ता | Jul 08, 2021

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में किए व्यापक फेरबदल और विस्तार में जातीय समीकरण को साधने का प्रयास किया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश, गुजरात जैसे चुनावी दृष्टि से अहम राज्यों को खासा तवज्जो दी है। इस फेरबदल और विस्तार में प्रधानमंत्री ने 12 मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया और युवा तथा अनुभवी नेताओं को तरजीह दी है। 

प्रधानमंत्री के मंत्रिपरिषद विस्तार के दौरान बुधवार को 43 मंत्रियों ने शपथ ली। जिसमें प्रधानमंत्री का 'सबका साथ सबका विकास' दिखाई देता है। उन्होंने कई मौकों पर यह स्लोगन दोहराते हुए कहा है कि सभी के लिए न्याय सुनिश्चित करना केंद्र की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ सरकार प्रत्येक देशवासियों का जीवन बेहतर बनाने का काम कर रही है और उसकी झलक प्रधानमंत्री के मंत्रिपरिषद में देखी जा सकती है।

नए मंत्रिपरिषद का जातीय समीकरण

अनुसूचित जाति:- अनुसूचित जाति के 12 मंत्रियों को शामिल किया गया। जो बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान और तमिलनाडु से आते हैं। इनमें रामदासिया, खटीक, पासी, कोरी, मादिगा, महार, अरुनदथियार, मेघवाल, धंगार जातियां शामिल हैं। 

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अनुसूचित जनजाति:- अनुसूचित जनजाति के 8 मंत्रियों को शामिल किया गया। जो अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और असम से आते हैं। इनमें गोंड, संथाल, मिजी, मुंडा, टी ट्राइब, कोकाना, सोनोवाल जनजातियां शामिल हैं।

पिछड़ा वर्ग:- 15 राज्यों के 19 समुदाय के 27 मंत्रियों को शामिल किया गया। जिनमें से 5 को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

महिलाओं का भी बढ़ाया गया कद

मोदी मंत्रिपरिषद में अब सर्वाधिक 11 महिलाएं हैं। इससे महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया है। इनकी अपनी खासियत है। कोई पूर्व नौकरशाह तो एमबीबीएस डॉक्टर है। मंत्रिपरिषद में शामिल हुईं नई महिलाओं में अनुप्रिया पटेल, रोभा करंदलाजे, अन्नपूर्णा देवी, प्रतिमा भौमिक, डॉ. भारतीय प्रवीण पवार, दर्शना विक्रम जरदोश, मीनाक्षी लेखा शामिल हैं। 

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किस राज्य को मिली तरजीह

उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सात मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। इनमें से अधिकांश आरक्षित जाति समुदाय से आते हैं। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। जिन 36 नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश के बाद सबसे अधिक तरजीह पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और महाराष्ट्र को मिली है। इन राज्यों से चार-चार सांसदों को मंत्रिपरिषद में जगह दी गई है। गुजरात से तीन, मध्य प्रदेश, बिहार और ओड़िशा से दो-दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है जबकि उत्तराखंड, झारखंड, त्रिपुरा, नयी दिल्ली, असम, राजस्थान, मणिपुर और तमिलनाडु से एक-एक नेता को मंत्रिपरिषद में जगह मिली है। इनमें से अधिकांश को राज्यमंत्री बनाया गया है।

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