SIM Card Fraud Alert! SIM कार्ड को लेकर सख्त हुए नियम, लापरवाही पर 3 साल की जेल या 50 लाख रुपये तक जुर्माने का खतरा

By डॉ. अनिमेष शर्मा | Oct 14, 2026

मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल आज कॉलिंग, बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट और सोशल मीडिया जैसे कई जरूरी कामों के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके नाम पर जारी कोई अनजान सिम कार्ड आपको कानूनी परेशानी में डाल सकता है? अगर कोई व्यक्ति आपकी पहचान का इस्तेमाल करके सिम कार्ड लेता है या आपके नाम पर जारी नंबर का गलत कामों में उपयोग करता है, तो मामला गंभीर हो सकता है। इसलिए समय रहते अपने नाम पर एक्टिव सभी मोबाइल नंबरों की जांच करना जरूरी है।

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अपनी पहचान पर किसी दूसरे व्यक्ति को बिना उचित अनुमति सिम कार्ड उपलब्ध कराना, फर्जी दस्तावेजों से कनेक्शन लेना या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी के लिए करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में अपनी आईडी और मोबाइल कनेक्शन की जानकारी सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

घर बैठे ऐसे चेक करें अपने नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं

अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की जानकारी हासिल करने के लिए सरकार के संचार साथी पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आपको किसी टेलीकॉम स्टोर पर जाने की जरूरत नहीं है। नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें।

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://sancharsaathi.gov.in पर जाएं। वहां Citizen Centric Services सेक्शन में अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन की जानकारी देने वाली सुविधा चुनें। इसके बाद अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा भरें। रजिस्टर्ड नंबर पर आए OTP को सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर आपके नाम से जुड़े मोबाइल कनेक्शनों की सूची दिखाई दे सकती है।

अब सूची में मौजूद प्रत्येक नंबर को ध्यान से देखें। अगर कोई नंबर ऐसा है जिसे आपने नहीं लिया है या जिसके बारे में आपको जानकारी नहीं है, तो उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आगे बढ़ें।

अनजान नंबर दिखे तो तुरंत करें रिपोर्ट

संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन मिलने पर संचार साथी पोर्टल पर उपलब्ध रिपोर्टिंग विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि नंबर आपने कभी नहीं लिया, तो 'Not My Number' विकल्प चुनें। वहीं, यदि नंबर आपका है लेकिन अब उसकी जरूरत नहीं है, तो 'Not Required' विकल्प उपयुक्त हो सकता है।

इसके बाद संबंधित चेकबॉक्स चुनकर रिपोर्ट सबमिट करें। शिकायत मिलने पर संबंधित टेलीकॉम कंपनी और दूरसंचार विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर नंबर का दोबारा सत्यापन किया जा सकता है और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कनेक्शन बंद किया जा सकता है। रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मिलने वाला रेफरेंस नंबर भी संभालकर रखें।

अपनी आईडी से किसी और को सिम देना पड़ सकता है भारी

मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किसी वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी कॉल या अन्य गैरकानूनी गतिविधि में होने पर जांच के दौरान उस कनेक्शन से जुड़े ग्राहक की जानकारी सामने आ सकती है। हालांकि, केवल आपके नाम पर सिम होने से अपने आप अपराध साबित नहीं होता। मामले में आपकी भूमिका, जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी जिम्मेदारी तय होती है।

इसलिए अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें, OTP साझा न करें और अपनी आईडी पर जारी सिम किसी दूसरे को इस्तेमाल करने के लिए देने से बचें। कुछ मिनट निकालकर संचार साथी पोर्टल पर नंबरों की जांच करना आपकी डिजिटल सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है।

- डॉ. अनिमेष शर्मा

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