New York Knicks पर डबल अटैक, स्टार जालेन ब्रन्सन चोटिल और टीम को मिली लगातार चौथी हार

By Ankit Jaiswal | Jan 21, 2026

इन दिनों न्यूयॉर्क निक्स के लिए हालात कुछ खास अच्छे नहीं चल रहे हैं और टीम मानो खुद ही मुश्किलें बढ़ा रही है। बता दें स्टार गार्ड जालेन ब्रन्सन ने बताया कि उनका दायां टखना किसी टक्कर में नहीं, बल्कि ड्रिब्लिंग के दौरान खुद ही फिसलने से मुड़ गया था।


ब्रन्सन को यह चोट पिछले हफ्ते सैक्रामेंटो के खिलाफ मुकाबले में लगी थी। संतुलन बिगड़ने के बाद वह कोर्ट पर गिर पड़े और इसके चलते दो मैच नहीं खेल सके। हालांकि वापसी के बाद भी टीम की परेशानी कम नहीं हुई। सोमवार को डलास मैवरिक्स के खिलाफ घरेलू मैच में निक्स पहली ही हाफ में 30 अंकों से पीछे हो गए।


इसी मुकाबले में जोश हार्ट भी एंकल की चोट से उबरकर लौटे थे। उनकी चोट क्रिसमस के दिन क्लीवलैंड के एक खिलाड़ी के पैर पर उतरने से हुई थी, जो ब्रन्सन की चोट से बिल्कुल अलग थी। हार्ट ने इस पर हल्के-फुल्के अंदाज़ में टिप्पणी जरूर की, लेकिन टीम की मौजूदा स्थिति मज़ाक के मूड में नहीं है।


उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, निक्स को लगातार चार मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है और टीम का रिकॉर्ड अब 25 जीत और 18 हार पर पहुंच गया है। यह वही टीम है, जिसने सीजन की शुरुआत 23–9 से की थी और पिछले महीने एनबीए कप भी अपने नाम किया था।


कोच माइक ब्राउन का मानना है कि कप जीतने के बाद लगातार यात्राओं और बढ़ती थकान ने टीम की लय बिगाड़ी है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि लॉकर रूम में किसी की जीतने की भूख कम नहीं हुई है और सभी खिलाड़ी हालात से बाहर निकलने की कोशिश में जुटे हैं।


ब्रन्सन ने भी भरोसा जताया है कि जैसे शरीर की चोट समय के साथ ठीक होती है, वैसे ही टीम का यह खराब दौर भी गुजर जाएगा। उनके मुताबिक, संघर्ष हर टीम के सफर का हिस्सा होता है और उससे बाहर निकलना ही असली चुनौती है, जिसे न्यूयॉर्क निक्स फिलहाल पार करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रमुख खबरें

T20 World Cup 2026: बांग्लादेश विवाद में पीसीबी का ICC को पत्र, भारत में खेलने से इनकार पर समर्थन

IND vs NZ: शुभमन गिल की कप्तानी पर अश्विन के सवाल, मिडिल ओवर्स को बताया हार की वजह

Suryakumar Yadav के फॉर्म पर चिंता, रोहित शर्मा ने बताई टीम इंडिया की बड़ी चुनौती

हैदराबाद विवि में प्रख्यात लेखिका नीरजा माधव का वामपंथी छात्रों ने किया घेराव, प्रोफेसर संजय द्विवेदी ने कहा यह घोर असहिष्णुता है