न्यूजीलैंड FTA के तहत भारतीय वस्तुओं के जीआई पंजीकरण के लिए कानून में संशोधन करेगा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 23, 2025

न्यूजीलैंड ने भारत के साथ अपने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत एक बाध्यकारी प्रतिबद्धता जताई है। इसके तहत वह समझौते के लागू होने के 18 महीनों के भीतर अपने कानून में संशोधन करेगा ताकि वहां वाइन और स्पिरिट के अलावा भारतीय वस्तुओं के भौगोलिक संकेतक (जीआई) पंजीकरण को सुगम बनाया जा सके। न्यूजीलैंड का वर्तमान जीआई कानून केवल भारत की वाइन और स्पिरिट के पंजीकरण की अनुमति देता है। जीआई, एक प्रकार का बौद्धिक संपदा अधिकार है।

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वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि भारत की वाइन, स्पिरिट और ‘अन्य वस्तुओं’ के पंजीकरण को सुगम बनाने के लिए कानून में संशोधन सहित सभी आवश्यक कदम उठाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह लाभ न्यूजीलैंड ने यूरोपीय संघ (ईयू) को दिया है। मंत्रालय ने कहा, “समझौते के लागू होने के 18 महीने के भीतर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।”

दोनों देशों ने सोमवार को मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता के समापन की घोषणा की। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद इसे लागू किए जाने की संभावना है और इस प्रक्रिया में लगभग सात से आठ महीने लग सकते हैं। जीआई दर्जे वाली चर्चित वस्तुओं में बासमती चावल, दार्जिलिंग चाय, चंदेरी कपड़ा, मैसूर रेशम, कुल्लू शॉल, कांगड़ा चाय, तंजावुर पेंटिंग्स, इलाहाबाद सुरखा, फर्रुखाबाद प्रिंट्स, लखनऊ जरदोजी और कश्मीर अखरोट की लकड़ी की नक्काशी शामिल हैं।

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