By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 24, 2026
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को कहा कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम के वित्तपोषण संरचना पर चिंता जताने की खबरें राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और केंद्र-राज्य संबंधों पर इसके प्रभाव पड़ सकते हैं।
‘नायडू ने नये ग्रामीण रोजगार कानून को लागू करने के लिए राज्य के वास्ते सहायता मांगी’ शीर्षक वाले एक समाचार लेख को साझा करते हुए सिद्धरमैया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम को निरस्त किया जाना चाहिए और मनरेगा अधिनियम को आवश्यक सुधारों के साथ बहाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा वीबी-जी राम जी अधिनियम के कार्यान्वयन को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष चिंता व्यक्त करने की खबरें - विशेष रूप से वित्त पोषण के बदले हुए स्वरूप और राज्यों पर पड़ने वाले अतिरिक्त बोझ के संबंध में - राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और केंद्र-राज्य संबंधों के लिए इसके दूरगामी परिणाम होंगे।’’
सिद्धरमैया ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी और कर्नाटक समेत विपक्षी शासित राज्यों ने कई बार चेतावनी दी है कि ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम राज्यों पर वित्तीय जिम्मेदारी डालकर सहकारी संघवाद को कमजोर करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के एक सहयोगी दल द्वारा अब इन चिंताओं को दोहराना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भीतर एक स्पष्ट दरार को उजागर करता है और इस कानून के प्रति भाजपा के बचाव को कमजोर करता है।