By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 30, 2026
नयी दिल्ली, 30 जुलाई राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को कहा कि उसने असम के कछार जिले में एक धातु प्रसंस्करण फैक्टरी में हुए विस्फोट में चार श्रमिकों की मौत और दो अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की घटना को लेकर राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने एक बयान में कहा कि विस्फोट के बाद पिघला हुआ धातु श्रमिकों पर गिर गया था। मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस फैक्टरी में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।
रिपोर्ट में घायलों की स्वास्थ्य स्थिति के साथ-साथ मृतकों के परिजनों और घायल श्रमिकों को दिए गए मुआवजे का विवरण भी शामिल करने को कहा गया है। एनएचआरसी ने एक अन्य बयान में कहा कि उसने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर स्थित एक आवासीय सोसायटी के सीवेज शोधन संयंत्र में जहरीली गैस के संपर्क में आने से एक सफाईकर्मी और एक सुरक्षा गार्ड की मौत की घटना का भी स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग के अनुसार, सफाईकर्मी टैंक की सफाई करने के लिए सीवर में उतरा था, जहां वह बेहोश हो गया।
जब वह बाहर नहीं आया तो सोसायटी का एक सुरक्षा गार्ड उसे बचाने के लिए टैंक में उतरा, लेकिन वह भी बेहोश हो गया। एनएचआरसी ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने एक अन्य बयान में उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले पांच वर्षीय छात्र के साथ उसके शिक्षक द्वारा कथित रूप से की गई प्रताड़ना और अमानवीय व्यवहार की घटना का भी स्वत: संज्ञान लिया है।
आयोग ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के पैंट में पेशाब कर देने से नाराज शिक्षक उसे स्कूल की रसोई में ले गया और कथित तौर पर गर्म चाकू से उसके गुप्तांग को दाग दिया। आयोग ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और वाराणसी के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।