लशकर से सांठगांठ के आरोप में NIA ने शिमला के एस पी को गिरफतार किया

By विजयेन्दर शर्मा | Feb 18, 2022

शिमला। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा से कनेक्शन के आरोप में शिमला के एस पी अरविंद दिग्विजय नेगी को गिरफ्तार किया है। नेगी हिमाचल कैडर के आईपीएस अधिकारी हंै।  उन्हें तेज तर्रार पुलिस अफसर माना जाता रहा है।  उनकी गिरपफतारी से प्रदेश में हढकंप मच गया है। अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें एस पी शिमला के तौर पर तैनाती मिली थी। 

मिली जानकारी के अनुसार गिरफतार पुलिस अधिकारी  नेगी पर खुफिया जानकारी लीक करने का आरोप है। वहीँ, एसपी के अलावा एनआईए ने पांच अन्य लोगों को भी इस मामले में गिरफ्तार किया है। एनआईए के प्रवक्ता से मिली सूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा के 2011 बैच में पदोन्नत नेगी को पिछले साल छह नवंबर को  राष्ट्रीय जांच एजेंसी  द्वारा दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने क्षेत्र के विकास के लिए रचनात्मक योगदान देने का आह्वान किया

बताया जा रहा है कि एनआईए 6 नवंबर 2021 में दर्ज हुए ओवर ग्राउंड वर्कर्स नेटवर्क केस की जांच कर रही है। इसमें लश्कर के आतंकियों को लोकल सपोर्ट मुहैया कराने के मामले की जांच चल रही है। इन आतंकियों को भारत में खौफनाक वारदातों को अंजाम देने के लिए मदद पहुंचाई जाती थी। अब तक एजेंसी ने केस में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान एजेंसी ने आरोपी नेगी की भूमिका संदिग्ध पाई थी। प्रवक्ता ने बताया कि एनआईए से लौटने के बाद शिमला में तैनात नेगी की भूमिका की जांच की गई और उनके घरों की तलाशी ली गई। जिसके बाद शिमला के एसपी अरविंद दिग्विजय नेगी की पहचान साबित की गई। अधिकारी पर सीक्रेट दस्तावेजों को लीक करने का भी आरोप है। नेगी ने ओवर ग्राउंड वर्कर्स के साथ इन दस्तावेजों को शेयर किया था, जिसका लश्कर के साथ कनेक्शन है।

इसे भी पढ़ें: राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया

अरविंद दिग्विजय नेगी हाल ही में एनआईए से हिमाचल लौटे थे। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अरविंद दिग्विजय नेगी को एसडीआरएफ जुन्गा में हाल में कमांडेंट नियुक्त किया था। जहरीली शराब मामले में बनी एसआईटी का भी मेंबर बनाया था। हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) में टॉप इन्वेस्टिगेटर रह चुके हैं। नवंबर 2021 में उनके किन्नौर और सिरमौर स्थित ठिकानों पर छापे मारे गए थे। 

प्रमुख खबरें

Zetwerk ने IPO के लिए 143-151 रुपये का Price Band तय किया

CMRL मामले में Pinarayi Vijayan और परिवार पर VACB ने दर्ज की दो प्राथमिकी

Delhi-NCR में Navratri पर Garba Night के लिए ये जगहें हैं सबसे खास

Goddess Parvati: बालू के शिवलिंग की पूजा और सखी द्वारा हरण के बाद ऐसे पड़ा इस कठिन व्रत का नाम हरतालिका तीज