By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 22, 2026
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ‘करेंसी चेस्ट’ से 17.29 करोड़ रुपये के मूल्य के नकली नोट मिलने के मामले में साजिश रचने वाले दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एनआईए ने एक बयान में बताया कि उसने हरियाणा के अंबाला से अजय कुमार को 16 अक्टूबर को और हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंता को 22 अक्टूबर को गिरफ्तार किया।
बयान के अनुसार, जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की कथित संलिप्तता सामने आई जिसके बाद बैंक ने उन्हें निलंबित कर दिया। इस मामले में शुरुआत में 29 अगस्त को सहारनपुर में तीन आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 178 (मुद्रा की जालसाजी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। एनआईए ने तीन सितंबर को मामला फिर से दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली थी।
इससे पहले, एनआईए ने सितंबर में इस मामले के संबंध में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें प्राथमिकी में नामजद अमित कुमार, मुख्य आरोपी आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू शामिल हैं। एनआईए ने कहा कि अजय कुमार और हरीश रौंता, बैंक की ‘करेंसी चेस्ट’ में नकली नोट पहुंचाने की साजिश में चौधरी और गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के ‘‘करीबी सहयोगी’’ थे।
अभिकरण ने कहा कि पूरी साजिश का पर्दाफाश करने और बाकी सह-आरोपियों तथा संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए जांच जारी है। ‘करेंसी चेस्ट’ बैंकों की ओर से संचालित ऐसी सुविधा है, जहां भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से नकदी रखी जाती है और उसे बैंक की शाखाओं तथा एटीएम तक पहुंचाया जाता है।