नाइजर में तख्तापलट के दो दिन बाद सैन्य गटो में सत्ता की लड़ाई : सूत्र

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 28, 2023

नाइजर में सेना के विभिन्न गुट शुक्रवार को सत्ता के लिए संघर्षरत दिखे। एक विश्लेषक और एक पश्चिमी सैन्य अधिकारी ने राष्ट्रपति गार्ड की ओर से तख्तापलट किये जाने के दो दिन बाद यह जानकारी दी। इस तख्तापलट के कारण देश में राजनीतिक अराजकता फैल गई है जिससे जिहादियों के खिलाफ देश की लड़ाई में बाधा आ सकती है और पश्चिम अफ्रीका में रूस का प्रभाव बढ़ सकता है। यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि कौन प्रभारी नेता है और मध्यस्थता के लिए प्रयास शुरू किया गया है या नहीं। पड़ोसी देश नाइजीरिया का एक प्रतिनिधिमंडल आने के तुरंत बाद ही लौट गया और एक क्षेत्रीय निकाय की ओर से मध्यस्थ नामित किये गये बेनिन के राष्ट्रपति नहीं पहुंचे।

मैक्रों ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति बजौम से कई बार बातचीत की और कैद में बंद नेता का स्वास्थ्य ठीक है। फ्रांस ने 1960 तक नाइजर पर एक उपनिवेश के रूप में शासन किया था। इस देश में फ्रांस के 1,500 सैनिक हैं, जो नाइजीरियाई लोगों के साथ संयुक्त अभियान चलाते हैं। बृहस्पतिवार को कई सौ लोग राजधानी नियामी में एकत्र हुए और रूसी झंडे लहराते हुए रूसी निजी सैन्य समूह वैगनर के समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद उन्होंने कारों को जला दिया और राष्ट्रपति के राजनीतिक दल के मुख्यालय में तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों में से एक उमर इस्साका ने कहा, ‘‘हम तंग आ चुके हैं। ’’ उमर ने फ्रांसीसी मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए कहा, ‘‘हम रूस के साथ सहयोग करने जा रहे हैं।’’ विद्रोही सैनिकों ने किसी नेता की घोषणा नहीं की है और राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम ने इस्तीफा नहीं दिया है।

1960 में फ्रांस से आजादी के बाद नाइजर में हुए पहले लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण के तहत दो साल पहले बजौम राष्ट्रपति चुने गए थे। पड़ोसी देश माली और बुर्किना फासो, दोनों ने फ्रांसीसी सेना को बाहर कर दिया है, जो पहले जिहादियों के खिलाफ उनकी लड़ाई में सहायता प्रदान करती थी। माली ने भी वैगनर से संपर्क किया है और माना जा रहा है कि उसके लड़ाके जल्द ही बुर्कीना फासो में मौजूद होंगे। अब चिंता जताई जा रही है कि कहीं नाइजर भी उनकी राह पर ना चल पड़े।

प्रमुख खबरें

Zaheer Khan ने Yuvraj Singh संग मिलाया हाथ, Canada में बढ़ाएंगे Cricket का दायरा!

Mayawati ने आकाश को क्यों दिखाई जमीन ? BSP के इस फैसले का UP Elections पर क्या होगा असर?

Supreme Court ने Delhi Metro के 17 स्टेशन बंद करने पर केंद्र और DMRC से मांगा जवाब

होने वाली है पुतिन की एंट्री, तभी उससे पहले भारत में रूस ने उतारे 3 मिलिट्री विमान